नीरज सिंह हत्याकांड: आठ साल बाद कोर्ट का फैसला, पूर्व विधायक संजीव सिंह आरोपों से बरी
- Posted on August 27, 2025
- झारखंड
- By Bawal News
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Dhanbad: धनबाद के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में आठ साल बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. एमपी-एमएलए विशेष अदालत के जज दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने सबूतों के अभाव में पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया. यह मामला 21 मार्च 2017 का है, जब धनबाद के सरायढेला स्थित स्टील गेट के पास हुई अंधाधुंध फायरिंग में तत्कालीन डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस केस में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था. फिलहाल, तीन आरोपी अब भी जेल में हैं, जबकि संजीव सिंह समेत अन्य जमानत पर बाहर थे. संजीव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से 8 अगस्त 2025 को जमानत मिली थी और 11 अगस्त को वे जेल से रिहा हुए थे.
गौरतलब है कि संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से बीजेपी विधायक हैं, जबकि नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस की ओर से झरिया से विधायक रह चुकी हैं. मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 37 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 5 गवाहों को कोर्ट में लाया गया. इस मामले में चार चश्मदीद गवाह भी थे, बावजूद इसके कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण सभी आरोपियों को बरी कर दिया.
विधि-व्यवस्था के लिए निषेधाज्ञा लागू, कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रशासन को जानकारी मिली थी कि कोर्ट के फैसले से पहले दोनों पक्षों के बड़ी संख्या में समर्थक न्यायालय परिसर में जुट सकते हैं. ऐसे में आपसी टकराव और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था. इसी को देखते हुए विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.
जैप के जवानों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जैप (झारखंड आर्म्ड पुलिस) की एक कंपनी को बुलाया गया. इन जवानों की तैनाती न्यायालय क्षेत्र सहित आस-पास के इलाकों में की गई है. इसके अलावा स्थानीय पुलिस द्वारा गश्त भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
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