बहरागोड़ा में आसमान से पैराशूट के सहारे उतरी रहस्यमयी मशीन, ग्रामीणों में मचा हड़कंप; जांच में सामने आया सच
पैराशूट के सहारे आसमान से पाथरा गांव के पास उतरी रहस्यमयी मशीन ने ग्रामीणों को हैरान कर दिया. पुलिस की जांच में उपकरण का संबंध विद्यासागर विश्वविद्यालय से सामने आया. बताया गया कि मशीन वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए हवा में छोड़ी गई थी.

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में सोमवार को उस वक्त लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई, जब आसमान से पैराशूट के सहारे एक अजीबोगरीब मशीन जमीन पर आ गिरी. यह पूरा घटनाक्रम पाथरा पंचायत के पास हुआ. आसमान में पैराशूट के साथ किसी उपकरण को नीचे आता देख ग्रामीण पहले हैरान रह गए. कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह उपकरण कहां से आया और इसे पैराशूट के जरिए यहां क्यों उतारा गया. मामले की जानकारी मिलने पर बरसोल पुलिस भी मौके पर पहुंची. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मशीन को अपने कब्जे में ले लिया. बाद में जांच के दौरान उपकरण पर लिखे संपर्क नंबर से उसकी पहचान का रास्ता साफ हुआ और पूरे मामले की तस्वीर बदल गई.
पैराशूट के साथ मशीन उतरते देख जुटी भीड़
पाथरा गांव के आसपास ग्रामीणों ने आसमान में एक पैराशूट को देखा. उसके साथ एक मशीननुमा उपकरण नीचे आ रहा था. जैसे ही वह जमीन पर उतरा, लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. ग्रामीणों में उपकरण को लेकर उत्सुकता के साथ आशंका भी दिखाई दी.
सूचना पर मौके पर पहुंची बरसोल पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद बरसोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची. किसी तरह के खतरे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उपकरण को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया और थाने ले गई. शुरुआती जांच में पुलिस को किसी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि से जुड़े संकेत नहीं मिले.
संपर्क नंबर से खुला मशीन का राज
जांच के दौरान पुलिस को उपकरण पर एक संपर्क नंबर दर्ज मिला. पुलिस ने उस नंबर के जरिए संबंधित लोगों से संपर्क किया. बातचीत के बाद पता चला कि यह मशीन पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय से संबंधित है. अधिकारियों ने बताया कि उपकरण को वैज्ञानिक अनुसंधान के सिलसिले में हवा में छोड़ा गया था.
वैज्ञानिक प्रयोग के लिए भेजा गया था उपकरण
जानकारी के मुताबिक, मशीन को हवा में छोड़े जाने के बाद पैराशूट की मदद से सुरक्षित जमीन पर उतारने की व्यवस्था की गई थी. विश्वविद्यालय की ओर से पुलिस से उपकरण को सुरक्षित रखने और आम लोगों को इससे दूर रखने का अनुरोध किया गया है. वैज्ञानिकों की टीम आने वाले दिनों में बहरागोड़ा पहुंचकर मशीन को अपने साथ ले जाएगी.
वैज्ञानिकों के आने पर सामने आएगी पूरी जानकारी
विद्यासागर विश्वविद्यालय का यूनिवर्सिटी साइंस इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर यानी USIC वैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक शोध से जुड़े आधुनिक उपकरणों के लिए जाना जाता है. हालांकि, इस मशीन का इस्तेमाल किस खास प्रयोग में किया गया था, इसे कहां से लॉन्च किया गया और यह कितनी दूरी तय कर पाथरा पहुंची, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है. वैज्ञानिक टीम के पहुंचने के बाद इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है. फिलहाल मशीन पुलिस की निगरानी में सुरक्षित है और ग्रामीणों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.




