इस सनातन घड़ी में छिपा है हिंदू धर्म से जुड़ा कई रहस्य
वैदिक घड़ी आम घड़ियों से बिल्कुल अलग है. इस घड़ी में 1 से 12 तक अंक नहीं होते, बल्कि उनकी जगह संस्कृत के शब्द लिखे होते है. इन सभी शब्दों में हिंदू धर्म से जुड़े कई रहस्य छिपे हैं.


सनातन धर्म से जुड़ी प्रत्येक वस्तु हमें कुछ न कुछ जरूर सिखाती है. हर चीज में कोई न कोई संदेश या इतिहास जरूर छिपा होता है. ऐसी ही एक वस्तु है सनातन घड़ी, जिसे वैदिक घड़ी भी कहा जाता है. यह वैदिक घड़ी आम घड़ियों से बिल्कुल अलग है. इस घड़ी में 1 से 12 तक अंक नहीं होते, बल्कि उनकी जगह संस्कृत के शब्द लिखे होते है. इन सभी शब्दों में हिंदू धर्म से जुड़े कई रहस्य छिपे हैं. सनातन घड़ी के मुताबिक हर घंटे का विशेष महत्व होता है. सामान्य घड़ी आईएसटी बताती है जबकि वैदिक घड़ी जिस समय, जिस स्थान पर खड़े हैं, उस क्षण की सटीक लोकेशन के आधार पर समय बताती है. यह सूर्य के सिद्धान्तों पर समय बताती है. वैदिक घड़ी सनातन परम्परा में ज्योतिष का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसके उपयोग से 27 नक्षत्र, वार, घड़ी, मुहूर्त जान सकते हैं.
दुनिया की पहली वैदिक घड़ी
दुनिया की पहले वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गयी है. यह वैदिक घड़ी वैदिक हिंदू पंचांग, ग्रहों की स्थिति, मुहूर्त, ज्योतिषीय गणना, भविष्यवाणियों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करती है. यह घड़ी भारतीय मानक समय (आईएसटी) और ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) भी बताती है. इसमें 24 घंटे की बजाय 30 घंटे का दिन और 60 मिनट की बजाय 48 मिनट का घंटा है. यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय प्रदर्शित करती है, जो प्राचीन भारतीय समय गणना पद्धति का मूल था. इस घड़ी में समय के साथ तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, और ग्रहों की स्थिति की भी जानकारी मिलती है. इसे भारतीय मंदिरों से भी जोड़ा गया है और यह पर्यटन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बन गया है. इस घड़ी का निर्माण एक 85 फीट ऊंचे टावर पर किया गया है.
वैदिक घड़ी ऐसे बताती है समय
12:00 बजने के स्थान पर आदित्य लिखा हुआ है जिसका अर्थ यह है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं.
1:00 बजने के स्थान पर ईश्वर लिखा हुआ है इसका अर्थ यह है कि ईश्वर एक ही प्रकार का होता है. एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति.
2:00 बजने की स्थान पर पक्ष लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि पक्ष दो होते हैं 1 कृष्ण पक्ष औऱ दूसरा शुक्ल पक्ष.
3:00 बजने के स्थान पर अनादि तत्व लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि अनादि तत्व 3 हैं. परमात्मा, जीवात्मा और प्रकृति ये तीनों तत्व अनादि है ,
4:00 बजने के स्थान पर वेद लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि वेद चार प्रकार के होते हैं -- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद.
5:00 बजने के स्थान पर महाभूत लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य है कि महाभूत पांच प्रकार के होते हैं. पांच महाभूत हैं - सत्वगुण, रजगुण, कर्म, काल, स्वभाव"
6:00 बजने के स्थान पर दर्शन लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि दर्शन 6 प्रकार के होते हैं . छः दर्शन सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदान्त के नाम से विदित है.
7:00 बजे के स्थान पर धातु लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि धातु 7 हैं. सात धातुओं के नाम
1. रस : प्लाज्मा
2. रक्त : खून (ब्लड)
3. मांस : मांसपेशियां
4. मेद : वसा (फैट)
5. अस्थि : हड्डियाँ
6. मज्जा : बोनमैरो
7. शुक्र : प्रजनन संबंधी ऊतक
8:00 बजने के स्थान पर अष्टांग योग लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि योग के आठ प्रकार होते है. योग के आठ अंग हैं: 1) यम, २) नियम, ३) आसन, ४) प्राणायाम, ५) प्रत्याहार, ६) धारणा ७) ध्यान ८) समाधि
9:00 बजने के स्थान पर अंक लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि अंक 9 प्रकार के होते हैं. 1 2 3 4 5 6 7 8 9
10:00 बजने के स्थान पर दिशाएं लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि दिशाएं 10 होती है.
11:00 बजने के स्थान पर उपनिषद लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि उपनिषद 11 प्रकार के होते हैं.

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