टीम इंडिया की कप्तानी पर बड़ा खुलासा-गिल के नाम पर 2023 में ही मुहर लग गई थी
गिल को पहले ही टेस्ट और वनडे टीम की कमान सौंप दी गई है और माना जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद वे टी20 टीम की कप्तानी भी संभाल लेंगे.

जब एशिया कप 2025 से पहले शुभमन गिल को भारतीय टी20 टीम का उपकप्तान बनाया गया, तभी संकेत मिल गया था कि BCCI उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सर्वेश्रेष्ठ नेता और तीनों फॉर्मेट का भविष्य कप्तान मानकर चल रहा है. गिल को पहले ही टेस्ट और वनडे टीम की कमान सौंप दी गई है और माना जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद वे टी20 टीम की कप्तानी भी संभाल लेंगे. इस बीच पूर्व चयनकर्ता सलील अंकोला ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि BCCI ने 2023 में ही तय कर लिया था कि सही समय आने पर रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को कप्तान बनाया जाएगा.
2023 में ही गिल बने थे रोहित के उत्तराधिकारी
सलील अंकोला ने बताया कि विराट कोहली के बाद जब रोहित शर्मा कप्तान बने, तब वह 30 की उम्र पार कर चुके थे और यह अंदाजा था कि वे लंबे समय तक कप्तानी नहीं निभा पाएंगे. इसी दौरान शुभमन गिल ने चयनकर्ताओं और बोर्ड को एक बेहतरीन विकल्प के रूप में प्रभावित किया.
गिल ने टेस्ट कप्तानी में अपनी पहली ही सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2–2 से बराबरी पर खत्म कराई. 2023 में उनके लगातार बनाए गए रन और बल्लेबाजी में स्थिरता ने इस फैसले को और मजबूत किया.
अंकोला ने विकी लालवानी के यूट्यूब चैनल पर बताया
“हमने 2023 में ही तय कर लिया था कि गिल भविष्य में कप्तान बनेंगे. हमें भरोसा था कि वे यह जिम्मेदारी उठा लेंगे. चयनकर्ता सिर्फ कोच और कप्तान से नहीं, बल्कि वरिष्ठ खिलाड़ियों तक से सलाह लेते हैं-यहां तक कि उनसे भी जो रिटायर हो चुके हैं. सभी की राय यही थी कि गिल ही सही व्यक्ति हैं.”
रोहित के संन्यास के साथ फैसला हुआ पक्का
जैसे ही रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, BCCI और चयनकर्ताओं ने बिना देर किए गिल को टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त कर दिया. बाद की वनडे सीरीज में भी गिल को ही कप्तानी सौंपी गई. इस फैसले के पीछे 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखा गया था, क्योंकि रोहित उस समय तक 38 वर्ष पार कर चुके होंगे और बोर्ड एक दीर्घकालिक कप्तान तय करना चाहता था. इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान गिल ने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित कर दी-दबाव भरी परिस्थितियों में 756 रन बनाकर उन्होंने दिखा दिया कि कप्तानी का बोझ उनके खेल को प्रभावित नहीं करता.
“गिल ने साबित किया कि वे सही विकल्प हैं”
एक टेस्ट और 20 वनडे खेल चुके सलील अंकोला ने कहा “यह सामूहिक फैसला था. सभी ने माना कि गिल इस भूमिका के लिए परफेक्ट हैं और उन्होंने इंग्लैंड में यह साबित भी कर दिया. इतनी शानदार सीरीज, इतना दबाव… यदि कोई खिलाड़ी वहां 750 से ज़्यादा रन बनाता है, तो उसकी मानसिक मजबूती का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. लोग चाहे जो कहें-किसी को वापस लाने की बात करें या किसी और को कप्तान बनाने की-लोग हमेशा असंतुष्ट रहते हैं. लेकिन सच यही है कि गिल ने हर मानक पर खुद को साबित किया है.”

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