चारा घोटाला केस: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, जमानत रद्द करने से किया इनकार
चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है. साथ ही झारखंड हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर उनकी सजा के खिलाफ लंबित अपीलों की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है.

Lalu Yadav: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मांग खारिज कर दी. हालांकि, कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू यादव और अन्य दोषियों की सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी की जाए. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी.
ED की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज
चारा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी. एजेंसी का कहना था कि मामले में दोषसिद्धि के बाद उन्हें मिली राहत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी जमानत में इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल जमानत रद्द करने के पक्ष में नहीं है. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि अपील लंबित रहने के कारण मामले का शीघ्र निस्तारण जरूरी है, ताकि दोषसिद्धि और सजा पर अंतिम फैसला जल्द हो सके.
2021 में सुनवाई लंबित रहने पर मिली थी जमानत
लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को चारा घोटाला मामले में वर्ष 2018 में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की. अपील पर लंबे समय तक सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण वर्ष 2021 में उन्हें जमानत दी गई थी. उस समय अदालत ने कहा था कि जब तक अपील पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक लालू यादव जमानत पर रह सकते हैं. इसी जमानत को रद्द कराने के लिए ED सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. लेकिन शीर्ष अदालत ने माना कि अपील लंबित होने की स्थिति में पहले से दी गई जमानत को समाप्त करना उचित नहीं होगा और इसे बरकरार रखा.
हाईकोर्ट को छह महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत बरकरार रखते हुए झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों की अपीलों पर सुनवाई अगले छह महीने के भीतर पूरी की जाए. अदालत ने कहा कि लंबे समय तक मामलों का लंबित रहना न्यायिक प्रक्रिया के हित में नहीं है. इसलिए हाईकोर्ट निर्धारित समयसीमा के भीतर अपीलों का निपटारा करे. इस आदेश के बाद फिलहाल लालू यादव को राहत मिल गई है, लेकिन उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील पर अंतिम फैसला अब झारखंड हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही आएगा. ऐसे में आने वाले महीनों में इस बहुचर्चित मामले पर सभी की नजर बनी रहेगी.

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