एक सप्ताह में दूसरी बार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.7 ग्राम एमडीएमए के साथ दो युवक गिरफ्तार
जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजमहल पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मादक पदार्थ एमडीएमए (MDMA) के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट-
Sahebganj: जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजमहल पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मादक पदार्थ एमडीएमए (MDMA) के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 13.7 ग्राम एमडीएमए बरामद किया है. दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है. राजमहल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विमलेश कुमार त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि राजमहल थाना क्षेत्र के फुलवरिया पटाल बगीचा इलाके में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है. सूचना के सत्यापन के बाद एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया.
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी मोहम्मद युसुफ की उपस्थिति में पुलिस टीम ने संबंधित क्षेत्र में छापेमारी की. पुलिस को देखते ही एक युवक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से 13.7 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया. गिरफ्तार युवक की पहचान मुर्गीटोला निवासी 29 वर्षीय फकरुद्दीन शेख उर्फ मिंटु के रूप में हुई. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फुलवरिया निवासी सलमान शेख को भी गिरफ्तार कर लिया. एसडीपीओ ने बताया कि मामले में राजमहल थाना कांड संख्या 181/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 एवं 27 के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं. दोनों आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. नशे की लत युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है. इसके कारण अवसाद, तनाव, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी समेत कई मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. वहीं लंबे समय तक नशे का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है.
एसडीपीओ ने कहा कि नशे की लत पूरी करने के लिए कई लोग चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर भी बढ़ जाते हैं. हाल के वर्षों में कई आपराधिक मामलों में नशे की भूमिका सामने आई है. ऐसे में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर नियंत्रण केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण विषय है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में नशे के कारोबार या मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. समाज, परिवार और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है. छापेमारी दल में अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद युसुफ, थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, पवन यादव, महादेव उरांव, बृजनंदन चौधरी, महेंद्र यादव, दिनेश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे.

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