मारा गया लश्कर का मुख्य हैंडलर और हाफिज सईद का राइट हैंड अबू कताल, कश्मीर के नंबर वन दुश्मन का ऐसे हुआ काम तमाम
भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद का भतीजा अबू कताल सिंघी मारा गया है. बाइक पर आये अज्ञात हमलावरों ने 15 गोलियां मार कर सिंघी का काम तमाम कर दिया. अबू कताल वही आतंकी था, जिसने जम्मू कश्मीर के रियासी बम हमले की साजिश रची थी. पाकिस्तान में हुई गोलीबारी में अबू कताल की मौत हुई ह...


भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद का भतीजा अबू कताल सिंघी मारा गया है. बाइक पर आये अज्ञात हमलावरों ने 15 गोलियां मार कर सिंघी का काम तमाम कर दिया. अबू कताल वही आतंकी था, जिसने जम्मू कश्मीर के रियासी बम हमले की साजिश रची थी. पाकिस्तान में हुई गोलीबारी में अबू कताल की मौत हुई है. मोस्ट वांटेड आंतंकी सिंघी को हाफिज सईद का करीबी बताया जाता है. भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सिंघी की तलाश थी. NIA ने सिंघी को वांटेड घोषित किया था. कताल की मौत को लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
रियासी हमले का था मास्टरमाइंड
अबू कताल पिछले साल 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए हमले का मास्टरमाइंड था. ये हमला तीर्थयात्रियों से भरी बस पर उस समय हुआ था जब वो शिव-खेड़ी मंदिर से दर्शन करने के बाद लौट रहे थे. इसके साथ ही कश्मीर में हुए कई अन्य हमलो में भी अबू कताल सिंघी मास्टरमाइंड रहा है.
कताल को मारी गई 15 गोलियां
कताल पर उस समय हमला किया गया जब वह अपनी टोयोटा पिक अप से जा रहा था. शाम करीब 7-8 बजे के बीच पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली. मौके पर देखा गया तो सामने की सीट पर बैठा शख्स मारा जा चुका था. वहीं पीछे की सीट पर बैठा उसका गनर भी मारा गया था. ड्राइवर भी घायल था. चश्मदीदों ने बताया कि अचानक से बाइक सवारों ने गाड़ी रोका और गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. इस दौरान कताल को 15 गोलियां मारी गईं.
कोटली से करता था कैंप का संचालन
अबू कताल का असल नाम जियाउर रहमान था. उसे नदीम और कताल सिंधी के नाम से भी जाना जाता था. 42 साल की उम्र तक आते-आते उसने आतंकी की कई घटनाओं को अंजाम दिया. उसके आतंक का नेटवर्क पाकिस्तान से लेकर कश्मीर तक फैला हुआ था. वह लश्कर के आतंकियों का मुख्य हैंडलर था और पुंछ-राजौरी क्षेत्र में हमलों की साजिशें रचता था. कताल को हाफिज सईद ने ही ऑपरेशनल कमांडर बनाया था. हाफिज सईद के आदेश पर वह जम्मू-कश्मीर में बड़े हमलों को अंजाम देता था. वह रावलपिंडी में रहने वाला साजिद जट्ट को सीधे रिपोर्ट करता था. सिंघी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में एक कैंप का संचालन करता था, जो राजौरी-पुंछ के इलाकों को निशाना बनाता था. वो जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की साजिश रचने और ड्रोन के जरिए हथियार गिराने में सीधे तौर पर शामिल था. कताल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की साजिश रचने और ड्रोन के जरिए हथियार गिराने में सीधे तौर पर शामिल था.

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