JPSC-JSSC आंदोलन: स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों की वार्ता खत्म, बोले- मांगें सुनी गईं, आंदोलन रहेगा जारी
JPSC-JSSC विवाद को लेकर रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता खत्म हो गई है. छात्रों ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को सुना और उन पर चर्चा का भरोसा दिया है, लेकिन फिलहाल आंदोलन और अनशन जारी रहेगा.

Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच शनिवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में अहम बैठक हुई. सरकार की ओर से गठित कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई इस वार्ता में परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और छात्रों की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई. बैठक खत्म होने के बाद छात्रों ने कहा कि सरकार के सामने उन्होंने अपनी मांगें और समस्याएं रख दी हैं. सरकार की ओर से उनकी बातें सुनी गई हैं, लेकिन अभी किसी अंतिम समाधान तक नहीं पहुंचा गया है. ऐसे में छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. छात्रों के मुताबिक धरना और अनशन फिलहाल जारी रहेगा. वहीं, सरकार की ओर से आने वाले दिनों में अन्य छात्र समूहों और संबंधित पक्षों से भी बातचीत करने की बात कही गई है. इस बीच बैठक को लेकर राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी और कांग्रेस के झंडे को लेकर भी सवाल उठे हैं.
सरकार के साथ छात्रों की वार्ता खत्म
स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक में NSUI, ACS और JCM समेत छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार ने छात्रों की बात सुनी है. उन्होंने संकेत दिया कि अभी अन्य छात्र प्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि सभी पक्षों की राय सामने आ सके.
छात्रों ने कहा- आंदोलन अभी जारी रहेगा
बैठक से बाहर निकलने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगें सरकार के सामने स्पष्ट रूप से रख दी हैं. उनकी समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा किए जाने की बात कही गई है. हालांकि, फिलहाल किसी ठोस निर्णय के अभाव में आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा. छात्रों ने साफ किया कि उनका धरना और अनशन आगे भी जारी रहेगा. आने वाले दिनों में सरकार के साथ फिर बैठक होने की संभावना है.
बैठक में राजनीतिक झंडे को लेकर विवाद
वार्ता से पहले आंदोलनरत छात्रों की ओर से कहा गया था कि बैठक के दौरान किसी राजनीतिक दल के झंडे या पहचान चिह्न का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. छात्रों का तर्क था कि आंदोलन का मुद्दा छात्र हितों से जुड़ा है और इसे राजनीतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए. हालांकि, बैठक स्थल पर कांग्रेस का झंडा दिखाई देने और युवा कांग्रेस तथा NSUI से जुड़े नेताओं की मौजूदगी के बाद इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई.
युवा कांग्रेस नेता ने सरकार की पहल का किया स्वागत
मौके पर मौजूद रांची महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों से बातचीत शुरू कराने के लिए धन्यवाद दिया. गौरव सिंह ने कहा कि लंबे समय से NEET, JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दे उठाने वाले छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान होना जरूरी है.
विपक्ष पर लगाए आरोप, छात्रों के अधिकार की बात
गौरव सिंह ने बातचीत के दौरान विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने JPSC की पुरानी परीक्षाओं और NEET विवाद का जिक्र करते हुए विपक्ष पर अलग-अलग समय में अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया. हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन किसी संगठन को श्रेय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए है. फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.

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