JPSC-JSSC आंदोलन: छात्रों से वार्ता करेगी सरकार, प्रस्ताव लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे SDO और ADM
JPSC-JSSC आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए झारखंड सरकार ने पहल शुरू कर दी है. SDO और ADM लॉ एंड ऑर्डर वार्ता का प्रस्ताव लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे.

Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार ने बातचीत की पहल की है. बुधवार को सरकार की ओर से SDO और ADM (लॉ एंड ऑर्डर) जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों को वार्ता का प्रस्ताव सौंपा. अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. हालांकि छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास जाकर वार्ता करने से इनकार कर दिया. छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे राज्य के युवाओं का मुद्दा है, इसलिए मुख्यमंत्री को खुद धरनास्थल पर आकर छात्रों से बात करनी चाहिए.
सरकार ने भेजा वार्ता का प्रस्ताव
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने पहल की है. सरकार की ओर से SDO और ADM लॉ एंड ऑर्डर आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत का न्योता दिया. प्रशासन ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री आवास पर बैठक के लिए आमंत्रित किया है. इस बैठक में पांच छात्र प्रतिनिधियों के शामिल होने का प्रस्ताव रखा गया था. सरकार का कहना है कि बातचीत के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को समझकर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
मुख्यमंत्री आवास जाने से छात्रों ने किया इनकार
सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव मिलने के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास जाने से साफ इनकार कर दिया. छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी पांच लोगों या प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे झारखंड के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों की लड़ाई है. छात्रों ने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो मुख्यमंत्री खुद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर आंदोलन कर रहे सभी छात्रों के बीच अपनी बात रखें. उनका कहना है कि केवल बैठक का निमंत्रण देना पर्याप्त नहीं है. सरकार को छात्रों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय और ठोस कार्रवाई का भरोसा देना होगा, तभी आंदोलन को लेकर आगे कोई रास्ता निकल सकता है.
छात्रों ने रखी अपनी मांगें, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि JPSC-JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता उनकी प्रमुख मांगें हैं. छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षाओं में गड़बड़ी सामने आती है तो लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है. इसी मुद्दे को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा. उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल वर्तमान छात्रों के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हितों से भी जुड़ा हुआ है.
वार्ता की पहल के बीच समाधान की उम्मीद
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की पहल को आंदोलन के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है. सरकार जहां प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकालना चाहती है, वहीं छात्र चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सीधे धरनास्थल पर आकर सभी आंदोलनकारियों से बातचीत करें. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच आगे किस तरह की वार्ता होती है और क्या इस आंदोलन को समाप्त करने के लिए कोई ठोस समाधान निकल पाता है. फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर डटे हुए हैं.

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