Video: JPSC को बम से उड़ा देगा JLKM! जयराम बोले- JPSC को मत छोड़ो! देवेंद्र महतो ने दे दी आयोग उड़ाने की धमकी
जेएलकेएम नेता देवेंद्रनाथ महतो ने JPSC को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि आयोग नहीं सुधरा तो "बम से उड़ाने की भी बात करेंगे." वहीं, पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, श्रेणीवार कट-ऑफ सार्वजनिक करने

Ranchi: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्रनाथ महतो ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है. राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी सुप्रीमो जयराम महतो ने साफ कहा है कि "JPSC को छोड़ना नहीं है." उन्होंने आगे कहा कि अगर आयोग नहीं सुधरा तो "उसे बम से उड़ाने की भी बात करेंगे." इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि, JLKM ने अपने ज्ञापन में 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच, मुख्य परीक्षा स्थगित करने और पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है.
ज्ञापन में क्या-क्या हैं JLKM की प्रमुख मांगें?
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में JLKM ने आरोप लगाया है कि 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. पार्टी का दावा है कि परिणाम आयोग के किसी सदस्य के हस्ताक्षर के बिना जारी किया गया, जो नियमों के विपरीत है. इसके अलावा आयोग ने इस बार श्रेणीवार कट-ऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ज्ञापन में इन सभी आरोपों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय या न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है.
मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग, दूसरी परीक्षाओं से टकरा रही तारीख
JLKM ने ज्ञापन में कहा है कि JPSC मुख्य परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है. इसी अवधि में JSSC की परीक्षा, UPSC CAPF और CSIR-UGC NET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी आयोजित हो रही हैं. ऐसे में कई अभ्यर्थियों को एक परीक्षा छोड़नी पड़ सकती है. पार्टी का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार तैयारी के लिए पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया. इसलिए जांच पूरी होने और कट-ऑफ सार्वजनिक होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित की जाए.
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों और OMR को लेकर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में दावा किया गया है कि अनारक्षित सीटों पर बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों, विशेषकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के चयन की खबरें सामने आई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल एक OMR शीट का भी जिक्र किया गया है. आरोप लगाया गया कि जिस अभ्यर्थी के केवल 48 प्रश्न सही बताए जा रहे हैं, उसका भी चयन सूची में नाम आया है. JLKM का कहना है कि यदि यह तथ्य सही है तो पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
'बम से उड़ाने' वाले बयान पर बढ़ सकता है विवाद
राजभवन से बाहर निकलने के बाद देवेंद्रनाथ महतो का "JPSC नहीं सुधरा तो बम से उड़ाने की भी बात करेंगे" वाला बयान अब सबसे ज्यादा चर्चा में है. यह बयान ऐसे समय आया है जब JLKM लगातार JPSC की कार्यप्रणाली को लेकर आंदोलन कर रही है. दूसरी ओर, ज्ञापन में पार्टी ने परीक्षा प्रक्रिया रद्द करने की मांग नहीं की है, बल्कि जांच, पारदर्शिता, कट-ऑफ सार्वजनिक करने, दोषियों पर कार्रवाई और जांच पूरी होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग रखी है. अब इस बयान पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और JPSC या राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर रहेगी.



