रामगढ़ में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, पति-पत्नी गिरफ्तार; हथियार बनाने का बड़ा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
रामगढ़ के भुरकुंडा क्षेत्र में पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है. छापेमारी में अर्ध-निर्मित पिस्तौल, मैगजीन, हथियार बनाने के उपकरण और मशीनें बरामद हुई हैं. पुलिस अब इस अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने अर्ध-निर्मित पिस्तौल, मैगजीन, हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कल-पुर्जे, मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर लोहार का काम करने की आड़ में अवैध हथियार तैयार कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं लग रहा है। इसलिए यह पता लगाया जा रहा है कि तैयार किए गए हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है।
दत्तो गांव में संयुक्त छापेमारी, बड़ी मात्रा में सामान बरामद
रामगढ़ पुलिस और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के दत्तो गांव में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक परिसर से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए। पुलिस को मौके से अर्ध-निर्मित पिस्तौल, मैगजीन, धातु के कल-पुर्जे, ड्रिल मशीन, ग्राइंडिंग उपकरण और अन्य सामग्री मिली। बरामद सामान को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है।
लोहार का काम करने की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिनेश विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नूतन विश्वकर्मा मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के वारसलीगंज के रहने वाले हैं। दोनों पिछले कई वर्षों से दत्तो गांव में रह रहे थे। स्थानीय स्तर पर वे लोहार का काम करते थे, लेकिन जांच में आशंका जताई गई है कि इसी काम की आड़ में अवैध हथियार भी तैयार किए जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि की शुरुआत कब हुई और अब तक कितने हथियार बनाए गए।
पूछताछ में जुटी पुलिस, नेटवर्क की तलाश जारी
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि तैयार किए गए हथियार किन लोगों तक पहुंचते थे और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। पुलिस संभावित सप्लाई चेन और खरीदारों की भी जानकारी जुटा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों की पुलिस एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा।
पहले से संवेदनशील माना जाता है पतरातू-भुरकुंडा इलाका
पतरातू और भुरकुंडा क्षेत्र पहले भी संगठित आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। विभिन्न आपराधिक गिरोहों की सक्रियता के कारण पुलिस यहां लगातार निगरानी और अभियान चलाती रही है। हाल के महीनों में भी कई कार्रवाई की गई हैं, जिनमें वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी शामिल रही है। ऐसे में अवैध हथियार निर्माण से जुड़े इस मामले को पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है।
जांच के बाद सामने आ सकती हैं कई अहम जानकारियां
फिलहाल पुलिस बरामद हथियारों और उपकरणों की तकनीकी जांच करा रही है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल, संपर्कों और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस अवैध हथियार निर्माण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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