दुश्मन के कितने विमान गिरे और क्यों रोका गया Operation Sindoor... राजनाथ ने संसद मे सब कुछ बताया
New Delhi: संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष लगातार सरकार से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहा था. आज हंगामे के बीच इसपर चर्चा हुई और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम अटैक से जुड़े हर मुद्दे पर विपक्ष को जवाब दिया. राजनाथ ने संसद मे ऑपरेशन सिंदूर में...


New Delhi:
संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष लगातार सरकार से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहा था. आज हंगामे के बीच इसपर चर्चा हुई और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम अटैक से जुड़े हर मुद्दे पर विपक्ष को जवाब दिया. राजनाथ ने संसद मे ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गये. पूरा ऑपरेशन महज 22 मिनट में समाप्त हो गया. हमने आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारा. सेना ने हमारी माताओं और बहनों के सिंदूर का बदला लिया. यह सिंदूर की लाली शौर्य की कहानी है. यह भारत के मस्तक पर वीरता की निशानी है. राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष पूछता है हमारे कितने विमान गिरे, उन्होंने एक बार भी हमसे ये नहीं पूछा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने विमान मार गिराए. अगर उन्हें प्रश्न पूछना ही है तो उनका प्रश्न ये होना चाहिए कि भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह किया. कहा कि इस ऑपरेशन में हमारे जांबाज सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई है.
किसी के दबाव में नहीं रोका गया Operation Sindoor
राजनाथ ने कहा कि आज भारत डोजियर नहीं भेजता बल्कि सख्त कार्रवाई करता है, आज भारत आतंक की जड़ तक जाता है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारी कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में थी, न तो उकसावे वाली थी और न ही विस्तारवादी. उन्होंने बताया कि 10 मई की सुबह जब भारतीय वायुसेना ने कई एयरबेस पर करारा प्रहार किया तो पाकिस्तान ने हार मान लिया. भारतीय वायुसेना के जबरदस्त हमलों, थलसेना की मजबूत जवाबी कार्रवाई और नौसेना के हमलों ने पाकिस्तान को छिपने को मजबूर कर दिया. यह पाकिस्तान के सैन्य बल और मनोबल दोनों की हार थी. 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से संपर्क किया और सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की. 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत हुई और फिर दोनों देशों ने विराम लगाने का ऐलान किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने कार्रवाई इसलिए रोकी क्योंकि संघर्ष के दौरान जो भी लक्ष्य तय किए गए थे उसे पूरी तरह से मान लिए थे. उसे हम पूरी तरह से हासिल कर चुके थे, इसलिए यह मानना की ऑपरेशन किसी दबाव में रोका गया था ये बिल्कुल बेबुनियाद है.
पूरी दुनिया ने भारतीय सेना का शौर्य देखा
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारतीय सेना के हमलों ने 9 आतंकवादी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया. इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके ट्रेनर और उनके आका मारे गए. मारे गये अधिकांश लोग जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. भारतीय वायुसेना ने पश्चिम मोर्चे पर पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया. हमारी सेनाओं ने चकलाला, सरगोधा, रफीकी, रहीम यार खान जैसे बड़े एयर बेस पर प्रहार किया. पूरी दुनिया ने भारतीय वायुसेना के शौर्य और बहादुरी की तस्वीर देखी. तीनों सेनाओं ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. वायुसेना ने आसमान से हमले किए, थलसेना ने जमीन पर मोर्चा संभाल लिया और पाकिस्तान की हर हरकत का करारा जवाब दिया. पाकिस्तान को यह साफ संदेश दिया कि हम समुद्र से लेकर जमीन तक पाकिस्तान के हर अहम ठिकानों पर प्रहार करने में हम सक्षम हैं.
आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा
राजनाथ सिंह ने कहा कि 6 और 7 मई को भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के नाम से एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया. यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं थी बल्कि यह भारत की संप्रभुता, उसकी अस्मिता, देश के नागरिकों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति का एक प्रभावी और निर्णायक प्रदर्शन था. हमने आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारा. सेना ने हमारी माताओं-बहनों के सिंदूर का बदला लिया.
हमारी नीति भगवान राम और कृष्ण से प्रेरित
उन्होंने कहा कि भारत आतंक की जड़ तक जाता है और उसे उखाड़ फेंकने का सामर्थ्य रखता है. हमारी नीति भगवान राम और भगवान कृष्ण से प्रेरित है, जो हमें शौर्य और धैर्य, दोनों सिखाती है. हमारी नीति स्पष्ट है. हमने एक समय लाहौर बस यात्रा की भाषा में बात की थी, लेकिन पाकिस्तान ने उसे नहीं समझा. अब हम बालाकोट स्ट्राइक की भाषा में जवाब देंगे. हम शांति के पक्षधर हैं और शक्ति भी है. यह शक्ति हमारे सामर्थ्य से आई है. यह नहीं कह रहा हूं कि ये पहले नहीं था, पहले भी था, लेकिन पिछले 11 वर्षों में कई गुना बढ़ गया. उन्होंने कहा कि शेर अगर मेढकों को मारे तो यह सही नहीं होता है. हमारे देश की सेना शेर है, जो मुल्क अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है तो उस मुल्क से क्या लड़ना है. पाकिस्तान से हमारा कैसा मुकाबला. भारत ने कभी किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया. आतंक फैलाने वालों के हाथ उखाड़ फेकेंगे.

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