राज्यकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू, 500 रुपए ओपीडी भत्ता भी मिलेगा, योजना से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़िए यहां
हेमंत सरकार ने राज्यकर्मियों को स्वास्थ्य बीमा योजना की सौगात दी है. सेवारत कर्मियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों को भी 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रति वर्ष मिलेगा. कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है. इसके अलावा 17 अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है.


रांची :
झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू कर दिया है. झारखंड के विधायकों, राज्य सेवा के सभी कर्मियों और रिटायर्ड कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव को हेमंत कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. राज्यकर्मियों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा. वहीं राज्यकर्मियों और रिटायर्ड कर्मियों के दिव्यांग आश्रितों को आजीवन स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा. योजना के लिए लाभुकों की तीन केटेगरी बनाई गई है. पहली केटेगरी में झारखंड के विधायक और राज्य के सभी सेवाओं के कर्मी शामिल हैं. दूसरी केटेगरी में पूर्व विधायक, यूनिवर्सिटी, कॉलेजों, बोर्ड-निगमों के सेवारत या रिटायर्ड कर्मचारी रखे गये हैं. तीसरी केटेगरी में निबंधित वकील शामिल किये गये हैं. तीनों केटेगरी के लाभुकों के आश्रितों को भी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा, लेकिन शर्त ये है कि लाभुक के आश्रित 25 वर्ष की उम्र तक बेरोजगार हों. केटेगरी बी के कर्मियों के लिए यह सेवा ऐच्छिक होगी.
इन्हें मिलेगा स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
झारखंड विधानसभा के सभी सद्स्य
राज्य के सभी सेवाओं के कर्मचारी
राज्य के सभी सेवाओं के रिटायर्ड कर्मचारी
झारखंड विधानसभा के पूर्व सद्स्य
अखिल भारतीय सेवाओं के इच्छुक सेवारत या रिटायर्ड कर्मचारी
झारखंड के यूनिवर्सिटी, कॉलेजों के सेवारत या रिटायर्ड कर्मचारी
बोर्ड-निगमों में कार्यरत या रिटायर्ड कर्मचारी
नि:शुल्क पीवीसी हेल्थ कार्ड दिया जाएगा
वर्तमान में राज्य सरकार के सभी कर्मियों को प्रति माह 1000 रुपये चिकित्सा भत्ता दिया जाता है. इस योजना के तहत सभी कर्मियों के भत्ते से 500 रुपये की दर से प्रति माह, यानी साल में 6000 रुपये वार्षिक प्रिमियम की कटौती की जाएगी. इस योजना के लाभुक की लिस्ट में शामिल होने के बाद भी कर्मियों को 500 रुपये प्रति माह का चिकित्सा भत्ता ओपीडी, जांच और दवा के लिए दिया जाएगा. वहीं चयनित बीमा कंपनियों द्वारा लाभुकों और उनके आश्रितों को पीवीसी हेल्थ कार्ड भी नि:शुल्क निर्गत किया जाएगा.
गंभीर बीमारियों में 10 लाख तक का खर्च वहन करेगी सरकार
गंभीर बीमारियों के इलाज पर 10 लाख रुपये तक की चिकित्सा राशि का भी वहन सरकार करेगी. इसके लिए एक कॉरपस फंड का गठन किया जाएगा. राज्यकर्मियों और रिटायर्ड कर्मियों के दुर्घटना या गंभीर स्थिति होने पर बड़े अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए एयर एंबुलेंस भी प्रदान किया जाएगा. इसका वहन झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के स्तर पर कॉरपस फंड के नियमानुसार किया जाएगा.
प्री और पोस्ट हॉस्पीटलाइजेशन भी कवर होगा
स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सभी प्रकार के चिकित्सा के दौरान 15 दिनों के प्री और 30 दिनों के पोस्ट हॉस्पीटलाइजेशन एवं फॉलोअप ट्रीटमेंट भी मान्य होगा. बीमा कंपनी इस खर्च का वहन करेगी. अगर लाभुक ने खुद का या अपने आश्रितों का स्वास्थ्य बीमा किसी और बीमा कंपनी से करवाया है तो वह लाभुक भी इस बीमा योजना का लाभ ले सकेंगे.
ऑनलाइन आवेदन का पता
स्वास्थ्य बीमा योजना को लाभू किए जाने के क्रम में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाईटी के पोर्टल http://employeesswasthyabima.jharkhand.gov.in पर लाभुकों और उनके आश्रितों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन आवेदन से ली जा रही है, लेकिन प्राप्त आवेदनों में कुछ त्रुटियां पाई गई है. कई कर्मियों ने एक से अधिक बार आवेदन किया है. डीडीओ के हस्ताक्षर और डीडीओ डिटेल्स के बिना भी कई आवेदकों ने आवेदन जमा कर दिया है. इसलिए वेब पोर्टल पर फिर से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा.
इन प्रस्तावों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
The Narcotic Drugs And Psychotropic Substances Act, 1985 के अन्तर्गत दर्ज वादों को संज्ञान लेने एवं त्वरित निष्पादन के लिए विचारण हेतु चतरा में जिला न्यायाधीश स्तर के 01 (एक) विशेष न्यायालय के गठन की स्वीकृति दी गई.
राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों, सदर अस्पतालों, अनुमण्डलीय अस्पतालों/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु वरीय अस्पताल प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक, वित्तीय प्रबंधक एवं आई०टी० एक्सक्युटिव का पद सृजन की स्वीकृति दी गई.
झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के एमडी केके वर्मा को 31.12.2025 तक का एक्सटेंशन.
झारखण्ड पारा मेडिकल जिला स्तरीय संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली 2025 के गठन की स्वीकृति.
दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित्त हवाई अड्डा पर CNS/ATM (Communication, Navigation and Surveillance and Air Traffic Management Services) सेवाएं cost recovery basis पर उपलब्ध कराने हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को नियम-245 के तहत शिथिल करते हुए मनोनयन के आधार पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर स्वीकृति दी गई.
वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2029-30 तक ज्ञानोदय योजनान्तर्गत रु. 94,50,00,000/- (चौरान्वे करोड़ पचास लाख रूपये) मात्र की लागत से मध्य विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा एवं कम्प्यूटर आधारित शिक्षा (Digitization of Schools) की स्वीकृति.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत अनुसंधान हेतु अनुसंधानकर्ता को मोबाईल फोन की सुविधा उपलब्ध कराने की स्वीकृति.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment