हजारीबाग के आकाश जैन अब संभालेंगे NTA की बड़ी जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं IRS अफसर जिन्हें NEET सुधार मिशन में मिली अहम भूमिका
हजारीबाग के IRS अधिकारी आकाश जैन NTA के जॉइंट डायरेक्टर बने. जानिए उनका सफर और NEET विवाद में उनकी नई भूमिका.

NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए हैं. इसी क्रम में झारखंड के हजारीबाग निवासी और 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी आकाश जैन को NTA का जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं और लाखों छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. हजारीबाग के झंडा चौक इलाके से निकलकर देश की शीर्ष परीक्षा संस्था तक पहुंचने वाले आकाश जैन की यात्रा मेहनत, प्रशासनिक अनुभव और अनुशासन की कहानी मानी जा रही है. उनकी नियुक्ति सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड के लिए भी गर्व का विषय बन गई है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में उनकी अहम भूमिका होगी.
हजारीबाग से IRS अधिकारी बनने तक का सफर
आकाश जैन मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले हैं. शुरुआती पढ़ाई हजारीबाग के स्कूलों में हुई और छात्र जीवन से ही वे मेधावी माने जाते थे. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर 2013 बैच में भारतीय राजस्व सेवा (IRS-IT) जॉइन की. टैक्स प्रशासन, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक कामकाज में उनका अनुभव रहा है. अलग-अलग केंद्रीय जिम्मेदारियों में काम करने के बाद उन्हें पहले राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) में भी जिम्मेदारी मिली थी. अब NTA में जॉइंट डायरेक्टर के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई है.
क्यों अहम माना जा रहा यह पद?
NTA देश की कई बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है, जिनमें NEET, JEE और CUET शामिल हैं. जॉइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी परीक्षा प्रबंधन, प्रशासनिक निगरानी, प्रक्रिया सुधार और जवाबदेही मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं. आकाश जैन की नियुक्ति दिसंबर 2029 तक के लिए बताई गई है. सरकार का उद्देश्य एजेंसी में निगरानी बढ़ाना और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा लौटाना माना जा रहा है.
NEET पेपर लीक विवाद क्या है, जिससे हिल गई थी परीक्षा व्यवस्था?
NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए थे. जांच एजेंसियों ने शुरुआती रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई, जिसके बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ा और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे. मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं. इसी विवाद के बाद NTA में प्रशासनिक फेरबदल तेज हुआ.
सरकार का नया प्लान: परीक्षा सिस्टम में ‘जीरो एरर’ मॉडल
पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर सख्त दिख रही है. रिपोर्टों के अनुसार आने वाले वर्षों में NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाने पर भी विचार चल रहा है ताकि प्रश्नपत्र लीक जैसी आशंकाएं कम हों. NTA में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति इसी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है. आकाश जैन जैसे अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में योगदान देंगे.

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