AI से कचरा गायब, GPS से लगाई हाजिरी! Gurugram में टेक्नोलॉजी से हुई ऐसी धोखाधड़ी कि नौकरी ही चली गई
गुरुग्राम नगर निगम में AI से फर्जी सफाई की तस्वीर अपलोड करने और GPS Spoofing ऐप से हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है, जांच में खुलासा होने के बाद दोनों संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं.


हरियाणा के गुरुग्राम नगर निगम में टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां दो संविदा कर्मचारियों ने सरकारी सिस्टम को धोखा देने के लिए Artificial Intelligence (AI) और GPS Spoofing जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया. एक कर्मचारी ने कचरा हटाने की बजाय AI से साफ-सुथरी तस्वीर बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दी, जबकि दूसरे ने फर्जी लोकेशन दिखाकर ड्यूटी पर मौजूद होने की हाजिरी लगा दी. मामले का खुलासा होने के बाद दोनों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.
AI ने 'साफ' कर दिया कचरा, लेकिन जांच में खुल गई पोल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असिस्टेंट सैनिटरी इंस्पेक्टर वसीम को खेड़की दौला गांव में मंदिर के पास पड़े कचरे को हटाने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन मौके पर सफाई करवाने की बजाय उसने AI की मदद से उसी जगह की साफ-सुथरी तस्वीर तैयार कर ली और उसे शिकायत निवारण पोर्टल पर अपलोड कर दिया. बताया जा रहा है कि AI से तैयार की गई तस्वीर इतनी वास्तविक थी कि पहली नजर में असली और नकली तस्वीर में अंतर करना मुश्किल था. हालांकि जांच के दौरान मामला पकड़ में आ गया. 1 जुलाई को हुई सुनवाई में वसीम ने AI से तस्वीर तैयार कर सिस्टम में अपलोड करने की बात स्वीकार कर ली.
घर बैठे ड्यूटी! GPS Spoofing App से लगाई फर्जी हाजिरी
दूसरे मामले में असिस्टेंट सैनिटरी इंस्पेक्टर सोनू ने निगम के डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम को धोखा देने के लिए Fly GPS जैसे GPS Spoofing ऐप का इस्तेमाल किया. 9 अप्रैल को औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारी मौके पर नहीं मिला, जबकि पोर्टल पर उसकी उपस्थिति दर्ज थी. अधिकारियों के फोन करने पर उसने स्वीकार किया कि वह घर पर है. जांच में पता चला कि उसने GPS लोकेशन बदलने वाले ऐप की मदद से अपनी फर्जी लोकेशन दिखाकर हाजिरी दर्ज की थी. सुनवाई के दौरान सोनू ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली और तकनीक का गलत इस्तेमाल करने की बात मानी.
अब AI और GPS धोखाधड़ी रोकने की तैयारी में निगम
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद गुरुग्राम नगर निगम अब अपने डिजिटल सिस्टम को और सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, विभाग शिकायत पोर्टल और अटेंडेंस सिस्टम में AI Detection Tools और Advanced Anti-GPS Spoofing Security Features जोड़ने पर विचार कर रहा है. इससे भविष्य में AI से बनाई गई फर्जी तस्वीरों की पहचान की जा सकेगी और थर्ड-पार्टी ऐप्स के जरिए फर्जी लोकेशन दिखाकर हाजिरी लगाने जैसी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सकेगी. यह मामला दिखाता है कि जिस तकनीक को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अपनाया गया था, उसका गलत इस्तेमाल सरकारी सिस्टम के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है.

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