झारखंड में विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग का होगा गठन, हेमंत कैबिनेट की बैठक में 67 प्रस्तावों को मंजूरी
रांची: झारखंड में विस्थापन और पुनर्वास आयोग का गठन किया जाएगा, हेमंत सरकार की कैबिनेट ने ये फैसला लिया है.यह आयोग विस्थापित परिवारों के रहन-सहन और जीवन यापन के स्तर आकलन करेगा. विस्थापित परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और दिव्यांगों संबंधित आंकड़ों को भी जुटाया जाएगा. शिक्षा और साक्षरता की स्थि...


रांची:
झारखंड में विस्थापन और पुनर्वास आयोग का गठन किया जाएगा, हेमंत सरकार की कैबिनेट ने ये फैसला लिया है.यह आयोग विस्थापित परिवारों के रहन-सहन और जीवन यापन के स्तर आकलन करेगा. विस्थापित परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और दिव्यांगों संबंधित आंकड़ों को भी जुटाया जाएगा. शिक्षा और साक्षरता की स्थिति का भी आकलन होगा, उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के भी आंकड़े जुटाए जाएंगे. विस्थापित परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं का भी आकलन होगा. आयोग के अध्यक्ष और सदस्य 3 साल के लिए नियुक्त होंगे. किसी ऐसे व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया जाएगा जिसे सामुदायिक विकास कार्यक्रमों, विस्थापन और पुनर्वास के क्षेत्र मे कम से कम 10 साल का अनुभव हो. इसके साथ ही कैबिनेट में कुल 67 एजेंडों को मंजूरी दी.
इन प्रास्तावों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग की बैठकों में हुए खर्च को भी मंजूरी दी है. बैठक में झारखंड राज्य सड़क सुरक्षा नियमावली-2025 को भी अनुमोदित किया गया.
साथ ही राज्य में संगीत नाट्य अकादमी, साहित्य अकादमी एवं ललित कला अकादमी के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. इन संस्थानों के माध्यम से राज्य में कला, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) अब दो चरणों में परीक्षाओं का आयोजन करेगा—प्रारंभिक (PT) और मुख्य परीक्षा. यदि किसी परीक्षा में आवेदनों की संख्या 50,000 से कम रहती है, तो प्रारंभिक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी.
मरांग गोमके पारदेशिया छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए राज्य सरकार द्वारा 50 छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है. कोटा निर्धारण इस प्रकार किया गया है:
अनुसूचित जनजाति (ST): 20 छात्र
अनुसूचित जाति (SC): 10 छात्र
अल्पसंख्यक समुदाय: 6 छात्र
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 14 छात्र
आयोग के गठन और उसकी नियमावली को मंजूरी दे दी गई है. इसके अध्यक्ष पद पर वह व्यक्ति नियुक्त होगा जिसने सामुदायिक क्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों तक कार्य किया हो. इसके अतिरिक्त, एक सदस्य प्रशासनिक क्षेत्र से और एक सदस्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश रैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी होंगे.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts




Leave a comment