Deoghar: देवघर जिले के मधुपुर में काली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने घटना की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. यह टीम मधुपुर जाकर घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और पार्टी नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
क्या है पूरा मामला
घटना गुरुवार को देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालगढ़ मोहल्ले में हुई. एक पुराने काली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया. पुलिस के अनुसार, एक युवक के साथ कथित तौर पर दूसरे समुदाय के लोगों के एक समूह ने मारपीट की, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते झड़प ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से पथराव हुआ. इस घटना में कम से कम सात लोग घायल हो गए.
पुलिस ने संभाली स्थिति
मधुपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में कर लिया गया. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर बुधवार रात से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था.
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना को लेकर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि झारखंड में हिंदू अपनी जमीन पर मंदिर तक नहीं बना पा रहे हैं. उन्होंने मधुपुर विधानसभा क्षेत्र के लालगढ़ की घटना का जिक्र करते हुए मंत्री हाफिज अंसारी की भूमिका की जांच की मांग की. साथ ही आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया गया.
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
फिलहाल मधुपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. एसडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, इलाके में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है.

