देवघर में जाम से राहत के लिए वीर कुंवर सिंह चौक से बैजनाथपुर तक फ्लाईओवर बनाने की मांग
देवघर नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड-23 के पार्षद शैलेश चरण मिश्रा ने सात प्रस्ताव रखे. उन्होंने वीर कुंवर सिंह चौक से बैजनाथपुर तक फ्लाईओवर बनाने, टावर चौक से शिक्षा सभा चौक तक टोटो पर रोक लगाने और जलसार चिल्ड्रन पार्क को निगम के अधीन करने की मांग की.

देवघर:- देवघर शहर में बढ़ते यातायात दबाव और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड संख्या 23 के पार्षद शैलेश चरण मिश्रा ने सात प्रस्ताव रखे. उन्होंने शहर में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए वीर कुंवर सिंह चौक से बैजनाथपुर मोड़ तक फ्लाईओवर निर्माण की जरूरत बताई. इसके साथ ही टावर चौक से शिक्षा सभा चौक तक टोटो के परिचालन पर रोक लगाने का सुझाव दिया, ताकि व्यस्त मार्ग पर यातायात सुचारू हो सके. बैठक में जलसार स्थित चिल्ड्रन पार्क को नगर निगम के अधीन लाने, ऐतिहासिक महत्व से जुड़े केंद्र को दोबारा शुरू करने, सड़क और नाला निर्माण तथा विकास कार्यों के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की समस्या जैसे मुद्दे भी उठाए गए. पार्षद ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया. उनका कहना था कि इन सुझावों पर पहल होने से शहर की बुनियादी सुविधाओं और यातायात व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है.
वीर कुंवर सिंह चौक से बैजनाथपुर तक फ्लाईओवर का सुझाव
पार्षद शैलेश चरण मिश्रा ने शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या और जाम की समस्या को देखते हुए वीर कुंवर सिंह चौक से बैजनाथपुर मोड़ तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव रखा. उनका मानना है कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर बनने से यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए सांसद निशिकांत दुबे से भी पहल करने का अनुरोध करने की बात कही.
टावर चौक से शिक्षा सभा चौक तक टोटो पर रोक की मांग
शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल टावर चौक से शिक्षा सभा चौक तक अक्सर यातायात बाधित होने की समस्या सामने आती है. इसे देखते हुए पार्षद ने इस मार्ग पर टोटो के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया. उनका कहना था कि यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने से लोगों को जाम से राहत मिल सकती है.
जलसार चिल्ड्रन पार्क निगम के अधीन करने की मांग
मिश्रा ने जलसार स्थित चिल्ड्रन पार्क को फिर से नगर निगम प्रशासन के अधीन लाने का प्रस्ताव रखा. इसके अलावा उन्होंने झारखंड सोशल संस्थान से जुड़े इतिहास केंद्र को दोबारा शुरू करने की जरूरत बताई. उनके अनुसार, यह केंद्र पहले पुराने सदर अस्पताल भवन परिसर में संचालित होता था. इसे पुनर्जीवित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए.
सड़क और पाइपलाइन की समस्या दूर करने पर जोर
पार्षद ने कहा कि शहर में अलग-अलग विकास योजनाओं के दौरान सड़कें खोदी जाती हैं, जिससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और जलापूर्ति प्रभावित होने की समस्या पैदा होती है. उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम कराने का सुझाव दिया, ताकि एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई की नौबत न आए और आम लोगों को परेशानी से बचाया जा सके.
नालों की मरम्मत और सड़क निर्माण का प्रस्ताव
बैठक में छापानालों की मरम्मत के लिए जरूरी सामग्री ढोने के उद्देश्य से निगम कर्मियों को मालवाहक टोटो उपलब्ध कराने का सुझाव भी रखा गया. इसके साथ ही वार्ड संख्या 24 और 27 में बैजनाथपुर पावर ग्रिड के पीछे करीब 350 फीट सड़क और नाला निर्माण कराने की मांग की गई. पार्षद ने प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर जरूरी कदम उठाने की अपील की, ताकि शहर की आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके.

