इमरोज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में न्याय की मांग, अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने रखीं 11 मांगें
चतरा के टंडवा प्रखंड के बड़गांव में इमरोज अंसारी की कथित मॉब लिंचिंग में मौत के मामले में झारखंड अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. मंच ने दोषियों की गिरफ्तारी, पुलिस की भूमिका की जांच, डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा

रिपोर्ट: संजय मुंडा
Chatra: इमरोज अंसारी की मॉब लिंचिंग में हुई मौत के मामले को लेकर झारखंड अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में घटना के सभी पहलुओं की जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की गई है. यह मामला चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत बड़गांव से संबंधित बताया गया है. मंच ने मांग की है कि मॉब लिंचिंग में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में कराने की मांग की गई है.
पुलिस की भूमिका की भी जांच की मांग
झारखंड अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी और पुलिसकर्मियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. मंच का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने पीड़ित को भीड़ से बचाने में लापरवाही बरती, जानबूझकर कार्रवाई नहीं की या किसी आरोपी को संरक्षण दिया, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मंच ने मामले में चार पुलिसकर्मियों के निलंबन की रिपोर्ट का भी उल्लेख करते हुए जांच को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाने की मांग की है. मंच ने घटना से जुड़े वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच कराने की मांग की, ताकि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान हो सके.
परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
मंच ने मृतक इमरोज अंसारी के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही परिवार के पुनर्वास और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था करने तथा परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है. इसके अलावा परिवार और महत्वपूर्ण गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि मामले में किसी प्रकार का दबाव या धमकी न दी जा सके.
मॉब लिंचिंग के खिलाफ कड़े कानून की मांग
मंच ने झारखंड सरकार से मॉब लिंचिंग के खिलाफ प्रभावी और कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग की. इसमें भीड़ द्वारा हत्या के मामलों में जिम्मेदारी तय करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा, गवाहों की सुरक्षा और त्वरित न्याय की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है. मंच ने मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल कर विशेष/त्वरित न्यायालय के माध्यम से सुनवाई कराने की भी मांग की, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके.
कथित भड़काऊ भाषण की जांच
प्रेस विज्ञप्ति में घटना से पहले दिए गए कथित भड़काऊ भाषण की भी जांच कराने की मांग की गई है. मंच ने पूर्व विधायक किशुन कुमार दास द्वारा दिए गए कथित भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं उसके माध्यम से भीड़ को उकसाने का प्रयास तो नहीं किया गया. यदि जांच में ऐसी भूमिका सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. मंच ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मामले की नियमित निगरानी करते हुए पीड़ित परिवार को जांच की प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है. मंच ने स्पष्ट किया कि इमरोज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक वह अपनी आवाज उठाता रहेगा.

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