स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जांच निष्पक्ष एजेंसी से हो: नवीन जायसवाल
झारखंड में स्वास्थ्य विभाग के टेंडर और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा नेता नवीन जायसवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई या अन्य एजेंसी से जांच कराने की बात कही है.

झारखंड की राजनीति में स्वास्थ्य विभाग को लेकर एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग में टेंडर प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि विभाग के भीतर ही जांच कराने से सच्चाई सामने आने की उम्मीद कम है, इसलिए किसी स्वतंत्र एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे. इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है, वहीं जनता के बीच भी सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर बिंदुओं को उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए.
निष्पक्ष जांच की मांग और सरकार पर सवाल
नवीन जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. उन्होंने मुख्य सचिव की पहल का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि विभागीय जांच से निष्पक्ष परिणाम की उम्मीद करना कठिन है. उनके अनुसार, जब जांच की जिम्मेदारी उसी विभाग को दी जाती है, जिस पर आरोप लगे हैं, तो पारदर्शिता प्रभावित होती है. इसलिए उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो.
स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप
जायसवाल ने इरफान अंसारी पर भी सीधे आरोप लगाए. उनका कहना है कि मंत्री अपने पद का दुरुपयोग कर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं और कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि राजधानी रांची में जो दरें तय की जाती हैं, वही अन्य जिलों में कई गुना बढ़ जाती हैं. इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और भी बढ़ जाती है. उन्होंने इस पूरे मामले की गहराई से जांच की आवश्यकता बताई.
सीबीआई जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो या अन्य स्वतंत्र एजेंसियों से कराने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटाने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी बात कही. जायसवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. उनके अनुसार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि जनता का विश्वास बना रहे.

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