भवानीपुर चुनाव परिणाम पर विवाद: ममता बनर्जी ने हार को दी चुनौती, कोलकाता हाईकोर्ट में दायर की याचिका
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं. बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की है और इस पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया में ले जाया गया है. इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और कल्याण बनर्जी मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और याचिका दाखिल करने के लिए कोर्ट पहुंची थीं. इस घटना ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इसे चुनाव परिणामों के बाद एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है.
भवानीपुर चुनाव परिणाम और वोटों का गणित
भवानीपुर विधानसभा सीट पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिली थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था. चुनाव परिणाम में शुभेंदु अधिकारी ने 15,104 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्हें कुल 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए. तीसरे स्थान पर सीपीएम उम्मीदवार श्रीजीब विश्वास रहे, जिन्हें 3,556 वोट मिले. मतगणना के शुरुआती दौर में ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन अंतिम राउंड में शुभेंदु अधिकारी ने मजबूत बढ़त हासिल कर जीत दर्ज की. इस दौरान मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी कई स्तर पर विवाद और हंगामे की खबरें सामने आई थीं, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया था.
हाईकोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी मंगलवार दोपहर कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं और अपनी याचिका दायर की. बताया जा रहा है कि यह याचिका केवल चुनाव परिणामों को चुनौती देने तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग भी इसमें शामिल है. ममता बनर्जी कुछ ही समय में कोर्ट परिसर से बाहर निकल गईं. इस पूरे घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में एक बड़े कानूनी मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की सियासत को और अधिक जटिल बना सकता है, खासकर तब जब चुनाव परिणामों को लेकर पहले से ही विवाद की स्थिति बनी हुई हो.
दूसरी बार चुनाव परिणामों को कोर्ट में चुनौती, बढ़ी सियासी हलचल
यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को न्यायालय में चुनौती दी हो. इससे पहले भी नंदीग्राम विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया था. अब भवानीपुर सीट के मामले में भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाए जाने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है. वहीं दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी की जीत को लेकर भी चर्चा जारी है, जिन्होंने इस सीट पर निर्णायक बढ़त के साथ जीत दर्ज की थी. फिलहाल सभी की नजरें कोलकाता हाईकोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है और इसका आगामी राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
राज्यसभा चुनाव 2026: रांची में महागठबंधन नेताओं की बैठक, चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन




Leave a comment