Ranchi: रांची से अपहृत मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की 13 दिनों बाद सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक लेकिन सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को दो मासूम जिंदगियों की अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आज़ादी बताते हुए कहा कि यह मामला व्यक्तिगत रूप से उन्हें भी भीतर तक विचलित करने वाला रहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित वापसी से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे झारखंड ने राहत की सांस ली है.
मुख्यमंत्री बोले – जांच यहीं नहीं रुकेगी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह जांच अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के भीतर और राज्य से बाहर बच्चों से जुड़े ऐसे मामलों की गहराई से जांच की जाएगी. संगठित अपराधी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी कमर तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि मासूमों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
दूसरे राज्यों से जुड़े सुरागों से मिली सफलता
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती दौर में जांच को लेकर कोई ठोस सफलता नहीं मिल पा रही थी. हालांकि, दूसरे राज्यों में हुई इसी तरह की घटनाओं से तार जोड़ते हुए रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई. बच्चों की बरामदगी पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और पेशेवर क्षमता का प्रमाण है. इस समन्वित प्रयास के चलते मासूमों को सुरक्षित मुक्त कराया जा सका.
रांची और झारखंड पुलिस को मुख्यमंत्री की बधाई
अंश और अंशिका की सुरक्षित बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची पुलिस और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस ने जिम्मेदारी निभाते हुए बेहतर परिणाम दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री ने बच्चों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
रामगढ़ से सकुशल बरामद, दो आरोपी हिरासत में
लगातार प्रयासों के बाद रांची पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से अंश और अंशिका को सकुशल बरामद किया. इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें पूछताछ के लिए रांची लाया जा रहा है. पुलिस यह जांच कर रही है कि बच्चों को वहां क्यों रखा गया था और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हैं. फिलहाल पूरे नेटवर्क और साजिश को उजागर करने के लिए जांच जारी है.


