धरती आबा को नमन: बिरसा मुंडा की शहादत दिवस पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजधानी रांची श्रद्धा और सम्मान के रंग में रंगी नजर आई. कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल को विशेष रूप से सजाया गया, जहां सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा.

Ranchi: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजधानी रांची श्रद्धा और सम्मान के रंग में रंगी नजर आई. कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल को विशेष रूप से सजाया गया, जहां सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पहुंचकर धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधायक कल्पना सोरेन, रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए. सभी ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया.
समाधि स्थल पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कोकर स्थित समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए उनके विचारों और संघर्षों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया. कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, उनके आंदोलन और ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया गया. श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धरती आबा के बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
बिरसा चौक पहुंचकर प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिरसा चौक पहुंचे. यहां दोनों नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर मौजूद लोगों ने धरती आबा के सपनों के झारखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया. कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और सामाजिक चेतना के संदेशों को याद किया गया. वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है तथा उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा.

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