BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम में झारखंड का कितना वजन? प्रदीप वर्मा को जगह, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास बाहर
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में झारखंड से सिर्फ प्रदीप वर्मा को जगह मिलना महज संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है. रघुवर दास और अर्जुन मुंडा जैसे बड़े चेहरों की गैरमौजूदगी से राज्य की पार्टी राजनीति में नेतृत्व और संगठन की बदलती प्राथमिकताओं के संकेत मिलते हैं.

New Delhi: बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में झारखंड को मिली जगह ने राज्य की पार्टी राजनीति में एक अलग तरह की चर्चा छेड़ दी है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में झारखंड से सिर्फ राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े चेहरों में शुमार रघुवर दास और अर्जुन मुंडा को राष्ट्रीय संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली. इसे महज पदों की सूची के तौर पर देखना मुश्किल है. खासकर इसलिए कि रघुवर दास और अर्जुन मुंडा दोनों झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में भी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. नई टीम में इन चेहरों की गैरमौजूदगी और प्रदीप वर्मा को मिली जिम्मेदारी से यह संकेत जरूर निकलता है कि बीजेपी संगठन में नई पीढ़ी और नए समीकरणों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, इसे किसी नेता की भूमिका खत्म होने का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी.
झारखंड से सिर्फ प्रदीप वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री बनाकर बढ़ाया संगठनात्मक कद
नितिन नवीन की घोषित राष्ट्रीय टीम में झारखंड से डॉ. प्रदीप वर्मा अकेले नेता हैं जिन्हें जगह मिली है. उन्हें राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. राज्यसभा सांसद के तौर पर सक्रिय प्रदीप वर्मा अब राष्ट्रीय संगठन में भी भूमिका निभाएंगे. झारखंड के लिहाज से यह नियुक्ति इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रीय टीम में राज्य का प्रतिनिधित्व एक ही नाम तक सीमित रह गया है. इसका एक अर्थ यह भी है कि पार्टी फिलहाल झारखंड से नए संगठनात्मक चेहरे को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की कोशिश कर रही है. प्रदीप वर्मा का राष्ट्रीय मंत्री बनना उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक भूमिका के विस्तार के साथ-साथ प्रदेश संगठन में उनकी स्वीकार्यता को भी मजबूत करता है. आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उन्हें राष्ट्रीय संगठन में किस तरह की जिम्मेदारी मिलती है और उसका झारखंड की राजनीति पर कितना असर पड़ता है.
रघुवर दास और अर्जुन मुंडा नई टीम से बाहर
नई टीम की सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड के उन नेताओं को लेकर है, जिनके नाम इसमें नहीं हैं. रघुवर दास और अर्जुन मुंडा दोनों ही राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और बीजेपी की झारखंड राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली चेहरा रहे हैं. रघुवर दास और अर्जुन मुंडा को तो नई राष्ट्रीय टीम में किसी पद की जिम्मेदारी भी नहीं मिली है. दोनों का राजनीतिक अनुभव सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा है. अर्जुन मुंडा केंद्र में मंत्री रह चुके हैं, जबकि रघुवर दास झारखंड के मुख्यमंत्री के अलावा संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. ऐसे में इन नामों का राष्ट्रीय टीम से बाहर रहना स्वाभाविक तौर पर सवाल खड़े करता है.
नई टीम में पुराने चेहरों के साथ नए प्रयोग का संतुलन
नितिन नवीन की टीम सिर्फ झारखंड को लेकर ही बदलाव का संकेत नहीं देती. इसमें कई पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए राजनीतिक चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है. वसुंधरा राजे सिंधिया और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, सुनील बंसल और बिप्लब कुमार देब समेत कई नेताओं को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए डॉ. संदीप पाठक को राष्ट्रीय मंत्री बनाया जाना भी नई टीम के राजनीतिक विस्तार का संकेत है. यानी संगठन ने अनुभव को पूरी तरह किनारे नहीं किया है, लेकिन नई टीम में अलग-अलग राज्यों और राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले चेहरों को जगह देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है.
झारखंड के लिए संदेश क्या है?
झारखंड बीजेपी के संदर्भ में नई टीम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि राष्ट्रीय संगठन में राज्य की आवाज अब प्रदीप वर्मा के जरिए होगी. पार्टी के तीन पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पद से बाहर हैं. इससे संगठन में जिम्मेदारी के केंद्र के बदलने की चर्चा होना स्वाभाविक है. यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है. बीजेपी झारखंड में लगातार संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को उभारने की कोशिश करती रही है. ऐसे में राष्ट्रीय टीम में प्रदीप वर्मा को जगह मिलना उस दिशा में एक कदम माना जा सकता है. हालांकि, राज्य की राजनीति में बाबूलाल मरांडी की भूमिका अलग है. वह प्रदेश बीजेपी के बड़े नेताओं में हैं और उनका प्रभाव संगठन तथा विधानसभा की राजनीति दोनों में है. इसलिए राष्ट्रीय टीम में पद नहीं मिलने को उनके राज्यस्तरीय राजनीतिक महत्व में कमी के तौर पर सीधे पढ़ना सही नहीं होगा.
पूरी राष्ट्रीय टीम: किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
वसुंधरा राजे सिंधिया — राजस्थान
तीरथ सिंह रावत — उत्तराखंड
राम माधव — दिल्ली
बैजयंत जय पांडा — ओडिशा
डी. पुरंदेश्वरी — आंध्र प्रदेश
रेखा वर्मा — उत्तर प्रदेश
वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी — गुजरात
डॉ. भारती प्रवीण पवार — महाराष्ट्र
सरदार मनप्रीत सिंह बादल — पंजाब
लाल सिंह आर्य — मध्य प्रदेश
प्रो. एस. नागराज — कर्नाटक
प्रो. तारिक मंसूर — उत्तर प्रदेश
डॉ. मधुचंद कर — पश्चिम बंगाल
राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)
बी.एल. संतोष — दिल्ली
राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन)
शिवप्रकाश — मुंबई
सौदान सिंह — चंडीगढ़
राष्ट्रीय महामंत्री
विनोद तावड़े — महाराष्ट्र
सुनील बंसल — दिल्ली
बिप्लब कुमार देब — त्रिपुरा
स्मृति ईरानी — उत्तर प्रदेश
डॉ. सतीश पूनिया — राजस्थान
गजेंद्र पटेल — मध्य प्रदेश
हरीश द्विवेदी — उत्तर प्रदेश
संजय भाटिया — हरियाणा
राष्ट्रीय मंत्री
कविता पाटीदार — मध्य प्रदेश
के. सुरेंद्रन — केरल
डॉ. भोला सिंह — उत्तर प्रदेश
डॉ. प्रदीप वर्मा — झारखंड
जगदीश ईश्वरभाई पटेल — गुजरात
डॉ. संदीप पाठक — दिल्ली
फांग्नोन कोन्याक — नागालैंड
संगीता यादव — उत्तर प्रदेश
अनिल एंटनी — केरल
डॉ. एम. वेंकटेश — तमिलनाडु
मनोज तिग्गा — पश्चिम बंगाल
सिद्धार्थ शंभु — बिहार
डॉ. स्वदेश सिंह — दिल्ली
मृगांका देव बर्मन — असम
रोहन गुप्ता — गुजरात
जय प्रकाश — दिल्ली
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
पीयूष गोयल — महाराष्ट्र
राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष
राजेश मंगल — राजस्थान
राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी
तरुण चुघ — पंजाब
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री
महेंद्र पांडे — उत्तराखंड
नॉर्थ ईस्ट संयोजक
डॉ. संबित पात्रा — ओडिशा
नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक
राजीव बब्बर — दिल्ली
प्रकोष्ठ संकुल संयोजक
विष्णु दत्त शर्मा — मध्य प्रदेश
प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक
ऋतुराज सिन्हा — बिहार
विष्णु वर्धन रेड्डी — आंध्र प्रदेश
मोर्चा अध्यक्ष
डॉ. हेमांग जोशी — युवा मोर्चा — गुजरात
रूप कुमारी चौधरी — महिला मोर्चा — छत्तीसगढ़
अमरपाल मौर्य — ओबीसी मोर्चा — उत्तर प्रदेश
बंसीलाल गुर्जर — किसान मोर्चा — मध्य प्रदेश
शिवेश कुमार राम — एससी मोर्चा — बिहार
डॉ. मन्नालाल रावत — एसटी मोर्चा — राजस्थान
कुंवर बासित अली — अल्पसंख्यक मोर्चा — उत्तर प्रदेश
मीडिया संयोजक
अनिल बलूनी — उत्तराखंड
मीडिया सह संयोजक
आशीष उषा अग्रवाल — मध्य प्रदेश
प्रदीप भंडारी — दिल्ली
सिद्धार्थ यादव — दिल्ली
सोशल मीडिया संयोजक
दीपक म्हस्के — छत्तीसगढ़
सोशल मीडिया सह संयोजक
प्रीति गांधी — महाराष्ट्र
शिवानंद द्विवेदी — दिल्ली
आलोक भट्ट — उत्तराखंड
अरुण यादव — हरियाणा

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