कानून-व्यवस्था पर सदन में बीजेपी का हंगामा, सीपी सिंह बोले: डीजीपी बेशर्म है, बाबूलाल ने कहा : हेमंत है तो अपराधियों में हिम्मत है
रांची : झारखंड विधानसभा में राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने जमकर हंगामा किया. पिछले 2-3 दिनों में राज्य में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी ने सदन के अंदर जोरदार हंगामा किया. हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. दोबारा कार्यवाही शुरू होने ...


रांची :
झारखंड विधानसभा में राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने जमकर हंगामा किया. पिछले 2-3 दिनों में राज्य में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी ने सदन के अंदर जोरदार हंगामा किया. हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद सीपी सिंह ने कहा कि इस राज्य में लोगों का जीना दूभर हो गया है. सरकार की कान पर जूं तक नहीं रेंगती है. यहां के डीजीपी बेशर्म हो गये हैं. बोलते हैं बड़ी-बड़ी घटना की प्लानिंग जेल से होती है. तो जेल क्या भारत और झारखंड से बाहर है. इसी राजधानी में जेल है. तो पुलिस क्यों नहीं इन कांडों का उद्भेदन करती है. आज आम आदमी से लेकर सांसद, विधायक सब असुरक्षित हैं.
बीजेपी का हंगामा, स्पीकर ने स्थगित की कार्यवाही
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये. उसके बाद सभी बीजेपी विधायक इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में चले गए. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि, राज्य में कुछ दिनों से हत्या के मामले काफी अधिक बढ़ गए हैं. बाबूलाल ने कहा कि झामुमो के लोग हेमंत है तो हिम्मत है का नारा देते हैं. लेकिन उन्हें तो लगता है ” हेमंत है तो अपराधियों को हिम्मत है.” बाबूलाल ने रांची के कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा पर हुई फायरिंग, चान्हो में हुए साधुओं की हत्या और हजारीबाग के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या का मुद्दा उठाया. बाबूलाल मरांडी ने कानून व्यवस्था को राज्य का सबसे ज्वलंत मुद्दा बताते हुए इस पर चर्चा की मांग की. हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
जेल से बनता है प्लान
इससे पहले विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि राज्य में जो भी बड़ी घटना होती है, वह जेल में बंद अमन साहू, अमन श्रीवास्तव और विकास तिवारी गिरोह के द्वारा कराई जाती है. इसके लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप से धमकी दी जाती है और उसके बाद घटना को अंजाम दिया जाता है. जेल से संचालित होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए गठित एटीएस को धारा 111 के तहत ऐसे संगठित गिरोह पर कार्रवाई करने का अधिकार है. इसी के तहत रविवार को अमन साहू गिरोह के 30 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और जेलों में छापेमारी की जा रही है. सिमडेगा के बाद सोमवार को हजारीबाग जेल में छापेमारी की गई है. कहा कि मुझे उम्मीद है जल्द ही अपराधियों को पकड़ने में हम सफल होंगे और पूरे मामले का खुलासा करेंगे.

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