BAT-BMS App: E-Rickshaw Hack करना पड़ सकता है भारी, जानिए IT Act के तहत कितनी हो सकती है सजा
BAT-BMS App से किसी दूसरे के E-Rickshaw को बंद करना मजाक नहीं, बल्कि साइबर अपराध हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक IT Act के तहत ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है.


सोशल मीडिया पर इन दिनों BAT-BMS App तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि इस ऐप की मदद से किसी भी Bluetooth-enabled E-Rickshaw को बीच रास्ते रोका या बंद किया जा सकता है. कई वीडियो में लोग इस ऐप के जरिए ई-रिक्शा को डिस्कनेक्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं कुछ शातिर इसी तकनीक का गलत फायदा उठाकर पहले ई-रिक्शा बंद कर देते हैं और फिर उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर ड्राइवरों से पैसे वसूलते हैं. लेकिन अगर आप भी ऐसा करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. साइबर कानून के जानकारों के मुताबिक, किसी दूसरे के ई-रिक्शा के डिजिटल सिस्टम में बिना अनुमति प्रवेश करना या उससे छेड़छाड़ करना गंभीर साइबर अपराध हो सकता है.
रील देखकर मत करिए ये गलती! पड़ सकती है 3 साल की जेल
इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन पवन दुग्गल के अनुसार, आज का आधुनिक ई-रिक्शा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि एक कंप्यूटर सिस्टम भी है. उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मालिक की अनुमति के बिना ई-रिक्शा के डिजिटल सिस्टम में प्रवेश करता है या उसमें छेड़छाड़ करता है, तो यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत दंडनीय अपराध माना जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धारा 66 (धारा 43 के साथ पढ़ी जाने वाली) लागू हो सकती है. दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, चलते वाहन को बीच सड़क पर रोकना सड़क दुर्घटना और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है.
आखिर क्या है BAT-BMS App और कैसे करता है काम?
BAT-BMS App एक Battery Management System (BMS) एप्लिकेशन है, जिसे Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है. यह एंड्रॉयड डिवाइस पर उपलब्ध है और Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक के जरिए बैटरी से कनेक्ट होता है. आजकल कई आधुनिक लिथियम बैटरियों में BLE मॉड्यूल पहले से मौजूद होता है. इस ऐप के जरिए बैटरी का वोल्टेज, तापमान, करंट, चार्जिंग स्टेटस और अन्य तकनीकी जानकारी देखी जा सकती है. कुछ कॉन्फ़िगरेशन में बैटरी की चार्जिंग को ऑन या ऑफ करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं. यही वजह है कि यदि किसी बैटरी की सुरक्षा सेटिंग्स कमजोर हों या उसका ब्लूटूथ बिना उचित सुरक्षा के उपलब्ध हो, तो उसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है.
सिर्फ तकनीक जानना अलग बात, गलत इस्तेमाल करना अपराध
विशेषज्ञों का कहना है कि BAT-BMS App खुद में अवैध नहीं है. इसे बैटरी की निगरानी और रखरखाव के लिए बनाया गया है. लेकिन यदि इसका उपयोग किसी दूसरे व्यक्ति के ई-रिक्शा या बैटरी सिस्टम में बिना अनुमति हस्तक्षेप करने के लिए किया जाता है, तो यह कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है. इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर ऐसे किसी भी प्रयोग से बचें. यह न केवल कानून का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि किसी की जान और संपत्ति के लिए भी खतरा बन सकता है.

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