संसद में गूंजा फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा, खड़गे के सवाल पर नड्डा का पलटवार
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर हुए कथित जानलेवा हमले का मुद्दा गुरुवार को संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में जोर-शोर से उठा. इस मामले को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर हुए कथित जानलेवा हमले का मुद्दा गुरुवार को संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में जोर-शोर से उठा. इस मामले को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताया, वहीं नेता सदन Jagat Prakash Nadda ने खड़गे के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की.
दरअसल, राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बीती रात जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हमला हुआ और यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो उनकी जान भी जा सकती थी. खड़गे ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था सीधे केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के अधीन आती है.
खड़गे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले एक राज्य था, लेकिन अब केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह केंद्र के नियंत्रण में है. ऐसे में यदि किसी बड़े नेता की सुरक्षा में चूक होती है तो इसके लिए केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या सरकार का मंसूबा Farooq Abdullah की जान लेना है? उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा भी देखने को मिला. विपक्ष के नेता ने आगे कहा कि सौभाग्य से फारूक अब्दुल्ला की स्थानीय सुरक्षा टीम ने समय रहते स्थिति संभाल ली और उन्हें सुरक्षित बचा लिया. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में विस्तृत जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.
खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना है और सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जितनी भी जांच की जरूरत होगी, वह कराई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. नड्डा ने यह भी बताया कि इस मामले में संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ कर उसके मंसूबों का पता लगाया जा रहा है.
हालांकि, नड्डा ने विपक्ष के नेता के बयान पर कड़ा एतराज जताया. उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर घटना को राजनीतिक नजरिए से देखना और इसमें राजनीतिक एंगल जोड़ना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच के इस निष्कर्ष पर पहुंच जाना कि यह घटना राज्य के दर्जे से जुड़ी है या सरकार की मंशा से प्रेरित है, पूरी तरह गलत है. जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार के मंसूबों पर सवाल उठाना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है और यह बेहद निंदनीय है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को पहले अपने इतिहास की ओर देखना चाहिए. नड्डा ने इस दौरान Syama Prasad Mukherjee का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में उनकी मौत को लेकर कांग्रेस ने आज तक अपना स्पष्ट रुख नहीं बताया है.
संसद में इस मुद्दे को लेकर हुई बहस के बाद यह साफ है कि फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की घटना राजनीतिक तौर पर भी बड़ा मुद्दा बन गई है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.


Leave a comment