रांची के बाद धनबाद कोर्ट टारगेट, बम धमकी मिलते ही 28 भवन खाली, पूरे परिसर में हाई अलर्ट
धनबाद कोर्ट को मिली धमकी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. घटना ने कोर्ट परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

Dhanbad: धनबाद में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब सिविल कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया. सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के अंदर स्थित 28 न्यायालय भवनों को खाली कराया गया और न्यायिक कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया. मौके पर सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया.
पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को पूरी तरह सील कर दिया और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर की मदद से हर कमरे, चैंबर और कोने की बारीकी से जांच की जा रही है. फिलहाल किसी तरह की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में रांची और पटना समेत कई जगहों पर कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं. लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.
सुरक्षा जांच तेज, कोर्ट का काम ठप
धनबाद सिविल कोर्ट में मिली धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. भारी संख्या में पुलिस बल के साथ महिला आरक्षित बल भी तैनात किया गया है. आरपीएफ की डॉग स्क्वॉड टीम स्निफर डॉग्स के जरिए सर्च ऑपरेशन चला रही है. कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
जज, वकील, कोर्ट स्टाफ और वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है, जिससे कोर्ट का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. अधिकारी धमकी के स्रोत और ईमेल भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटे हैं. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह धमकी ‘होक्स’ भी हो सकती है, क्योंकि हाल के दिनों में कई अदालतों को इस तरह के फर्जी ईमेल मिल चुके हैं.
पिछले दो महीनों में अदालतों को मिली बम धमकियां
झारखंड
• 25 फरवरी 2026 – धनबाद सिविल कोर्ट: ईमेल से बम धमकी, 28 भवन खाली, डॉग स्क्वॉड व मेटल डिटेक्टर से जांच जारी.
• 12 फरवरी 2026 – रांची सिविल कोर्ट व समाहरणालय: डीसी ऑफिस और कोर्ट को उड़ाने की धमकी, सुरक्षा अलर्ट, परिसर खाली कराया गया.
बिहार
• फरवरी 2026 – पटना सिविल कोर्ट: ईमेल के जरिए धमकी, पुलिस व बम स्क्वॉड की जांच.
दिल्ली-NCR
• फरवरी 2026 – साकेत जिला अदालत (दिल्ली): ईमेल से धमकी, परिसर खाली.
• फरवरी 2026 – कड़कड़डूमा कोर्ट (दिल्ली): समान मेल, तलाशी अभियान.
• फरवरी 2026 – रोहिणी कोर्ट (दिल्ली): एक साथ धमकी, सुरक्षा अलर्ट.
• जनवरी 2026 – दिल्ली जिला अदालत परिसर (अन्य): संदिग्ध मेल के बाद सघन जांच, कुछ नहीं मिला.
उत्तर प्रदेश (UP)
• फरवरी 2026 – लखनऊ जिला अदालत: धमकी के बाद कोर्ट कार्य बाधित, जांच.
• फरवरी 2026 – वाराणसी जिला अदालत: ईमेल अलर्ट, ATS व पुलिस जांच.
• जनवरी 2026 – प्रयागराज जिला अदालत: धमकी के बाद परिसर खाली, तलाशी अभियान.
उत्तराखंड
• फरवरी 2026 – देहरादून जिला अदालत: ईमेल धमकी, परिसर खाली कराया गया.
• फरवरी 2026 – नैनीताल हाईकोर्ट परिसर: सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी.
राजस्थान
• जनवरी 2026 – जयपुर कोर्ट परिसर (एक से अधिक बार): अलग-अलग ईमेल धमकियां, कई बार परिसर खाली, हर बार कुछ नहीं मिला.
महाराष्ट्र
• दिसंबर 2025 – मुंबई कोर्ट परिसर: ईमेल धमकी, एंटी टेरर स्क्वॉड जांच, कोई विस्फोटक नहीं मिला.
मध्य प्रदेश
• दिसंबर 2025 – भोपाल जिला अदालत: संदिग्ध कॉल, तलाशी अभियान, कुछ नहीं मिला.
बढ़ती धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
लगातार मिल रही धमकियों के बाद केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. कोर्ट परिसरों में प्रवेश व्यवस्था कड़ी की जा रही है, CCTV निगरानी बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध ईमेल/कॉल की ट्रैकिंग के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाएं न्यायिक संस्थानों को डराने या सिस्टम को बाधित करने की कोशिश हो सकती हैं. इसलिए हर धमकी को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. फिलहाल धनबाद कोर्ट मामले में जांच जारी है और पुलिस जल्द ही धमकी के स्रोत का खुलासा करने का दावा कर रही है. जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहेगी.

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