NEET के बाद अब UGC-NET पर बवाल! राहुल गांधी बोले- '90 सवाल पहले ही लीक हो गए थे', NTA फिर विवादों में
NEET विवाद के बाद अब UGC-NET पेपर लीक का मामला गरमा गया है, राहुल गांधी ने दावा किया कि Sociology परीक्षा से पहले लीक हुई PDF के करीब 90 सवाल असली पेपर से मेल खाते थे। जानिए पूरा विवाद और अब तक NTA की प्रतिक्रिया.


एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) सवालों के घेरे में है. NEET पेपर लीक विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब UGC-NET 2026 परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि UGC-NET Sociology का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि परीक्षा से पहले 100 पन्नों की एक PDF सर्कुलेट हुई थी, जिसमें मौजूद करीब 90 सवाल असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे.
'2.25 लाख में बिक रहा था पेपर',राहुल गांधी का बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर यह PDF प्रति उम्मीदवार 2.25 लाख रुपये में बेची जा रही थी. उनके मुताबिक यह नेटवर्क बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय था. उन्होंने यह भी दावा किया कि यही नेटवर्क CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा कर रहा है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि NEET और NET जैसी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवाद यह दिखाते हैं कि छात्रों की वर्षों की मेहनत की कोई कीमत नहीं समझी जा रही.
NTA पर फिर उठे सवाल, छात्रों ने पहले भी लगाए थे आरोप
पेपर लीक के आरोपों से पहले भी UGC-NET Sociology परीक्षा विवादों में रही थी. कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में गंभीर खामियों की शिकायत की थी. छात्रों का आरोप था कि प्रश्नपत्र में कई समाजशास्त्रियों के नाम गलत लिखे गए थे, कई शब्दों की स्पेलिंग गलत थी और अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद इतना खराब था कि कई सवालों का सही अर्थ समझना मुश्किल हो गया. इसके अलावा अभ्यर्थियों ने कुछ प्रश्नों को आउट ऑफ सिलेबस भी बताया था.
अब तक NTA की ओर से क्या कहा गया?
फिलहाल NTA की ओर से राहुल गांधी के पेपर लीक वाले आरोपों पर कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. यदि एजेंसी या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होता है, तो तस्वीर और साफ हो सकेगी. इस बीच पेपर लीक के आरोपों ने एक बार फिर देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है. लाखों अभ्यर्थी अब इस मामले में आधिकारिक जांच और स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं.

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