टाटानगर रेलवे स्टेशन में 5 घंटे की पार्किंग के 5310 रुपये वसूले गये, सीनियर डीसीएम ने दिया ये जवाब...
Ranchi: सोशल मीडिया पर 5310 रुपये की पार्किंग रसीद खूब वायरल हो रही है. मंगलवार को एक व्यक्ति ने जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन में अपनी कार पार्क की. करीब 5 घंटे बाद जब वह कार लेकर वहां से निकलने लगा तो पार्किंग कर्मचारी ने उसे 5310 रुपये का रसीद थमा दिया. यह देख कार मालिक के होश उड़ गये. 5 घंटे ...


Ranchi:
सोशल मीडिया पर 5310 रुपये की पार्किंग रसीद खूब वायरल हो रही है. मंगलवार को एक व्यक्ति ने जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन में अपनी कार पार्क की. करीब 5 घंटे बाद जब वह कार लेकर वहां से निकलने लगा तो पार्किंग कर्मचारी ने उसे 5310 रुपये का रसीद थमा दिया. यह देख कार मालिक के होश उड़ गये. 5 घंटे की पार्किंग के 5310 रुपये यानी एक घंटे की पार्किंग के 1000 रुपये से भी अधिक पड़ गये. इस पार्किंग रसीद पर सोशल मीडिया पर खूब कमेंट आ रहे हैं. रेलवे ने भी इस रसीद पर अपना पक्ष साफ कर दिया है. चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम ने कहा है कि 10 मिनट तक ड्रॉपिंग एरिया में पार्किंग फ्री है. उसके बाद हर आधे घंटे के लिए 590 रुपए जीएसटी सहित चार्ज किए जाते हैं और इसकी जानकारी रेलवे स्टेशन परिसर में जगह-जगह लगाई गई है.
पूरा मामला जानिये
मामला स्टेशन के ''पिक-अप एंड ड्राप'' लेन का है, जहां तय समय से ज्यादा रुकने पर सामान्य पार्किंग शुल्क की जगह कई गुना अधिक दंड शुल्क वसूला जा रहा है. पीड़ित व्यक्ति ने पार्किंग प्रभारी को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह लगभग पांच घंटे के लिए पिक-अप एंड ड्राप लेन में अपनी गाड़ी खड़ी करके गए थे, जब वे लौटे तो कर्मचारियों ने उनसे 5313 रुपये की मांग की। काफी बहस और मान-मनौव्वल के बाद मामला 2000 रुपये में सुलझाया गया. उन्होंने इस घटना को मनमानी वसूली बताते हुए कार्रवाई की मांग की है.
क्या कहता है नियम
रेलवे स्टेशन पर लगे रेट चार्ट के मुताबिक पिक-अप एंड ड्राप लेन में पहले 10 मिनट के लिए कोई शुल्क नहीं है. लेकिन 10 मिनट से 20 मिनट के बीच गाड़ी खड़ी करने पर 95 रुपये (जीएसटी समेत) देने पड़ते हैं. वहीं 20 मिनट पूरे होते ही, हर अगले 30 मिनट या उसके हिस्से के लिए 590 रुपये (500 रुपये 90 रुपये जीएसटी) का अतिरिक्त दंड शुल्क लगाया जाता है. इसी हिसाब से पांच घंटे का बिल 5000 रुपये से ज्यादा बन गया. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिक एंड ड्रॉप लेन में लोग लंबे समय के लिए गाड़ियां खड़ी कर देते हैं. इससे यात्रियों को असुविधा होती है. यह भारी-भरकम शुल्क पार्किंग के लिए नहीं, बल्कि लेन को ब्लाक करने के खिलाफ एक दंड है ताकि लोग इसका दुरुपयोग न करें.

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