रूस से तेल-गैस खरीदने पर भारत समेत 5 देशों को टैरिफ से छूट, ट्रंप के ऐलान से बदले समीकरण
रूस से तेल और गैस खरीदने पर भारत समेत पांच देशों को अमेरिकी टैरिफ से छूट मिलने का दावा सामने आया है। जानिए इस खबर में क्या कहा गया है और भारत के लिए यह मुद्दा क्यों अहम है।

नई दिल्ली:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश को लेकर दावा किया जा रहा है कि भारत समेत पांच देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर टैरिफ से छूट दी गई है। इस सूची में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक अमेरिकी आदेश और संबंधित कानून के मूल दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
भारत समेत किन 5 देशों को मिली छूट?
रिपोर्ट में जिन पांच देशों का जिक्र किया गया है, वे हैं:
- भारत
- चीन
- स्लोवाकिया
- हंगरी
- अजरबैजान
दावे के मुताबिक, इन देशों को रूस से ऊर्जा खरीदने के मामले में प्रस्तावित प्रतिबंधों, पाबंदियों और टैरिफ से राहत दी गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
क्या है ग्राहम एक्ट?
खबर में इस कानून का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ बताया गया है। दावे के अनुसार, इस कानून का उद्देश्य रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और रूसी ऊर्जा की खरीद करने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान करना है।
हालांकि, कानून के नाम, उसकी धारा 115 और राष्ट्रपति के आदेश से जुड़े विवरणों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। कानून के वास्तविक प्रावधानों और छूट की शर्तों को समझने के लिए अमेरिकी कांग्रेस तथा व्हाइट हाउस के मूल दस्तावेज देखना जरूरी होगा।
राष्ट्रीय हित का हवाला देने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए कुछ प्रतिबंधों और टैरिफ से छूट देने का फैसला किया है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति ने अमेरिकी कांग्रेस को इस संबंध में लिखित प्रमाण-पत्र सौंपा है। यदि इस तरह की छूट आधिकारिक रूप से लागू की गई है, तो उसके दायरे, अवधि और शर्तों का निर्धारण संबंधित कार्यकारी आदेश और कानून के प्रावधानों से होगा।
भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल का मुद्दा?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। रूस से मिलने वाला कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति स्रोतों में शामिल रहा है।रूसी तेल की खरीद पर अमेरिकी टैरिफ या अन्य प्रतिबंधों का असर भारत की ऊर्जा लागत, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है। इसलिए ऐसी किसी भी छूट की आधिकारिक पुष्टि भारत की ऊर्जा और व्यापार नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
क्या है पूरे मामले का निष्कर्ष?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस से तेल और गैस खरीदने पर भारत समेत पांच देशों को टैरिफ से राहत दी गई है। लेकिन इसे पुष्ट खबर के रूप में प्रकाशित करने से पहले संबंधित अमेरिकी कार्यकारी आदेश, कानून का आधिकारिक नाम और छूट पाने वाले देशों की सूची की पुष्टि करना जरूरी है।



