झारखंड में WWII का 227 किलो बम निष्क्रिय, स्वर्णरेखा नदी किनारे सेना का सफल ऑपरेशन
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले द्वितीय विश्व युद्ध के 227 किलोग्राम वजनी बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया. इस संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान बम को गहरे गड्ढे में रखकर बालू की बोरियों से ढका गया और सुरक्षित दूरी से नियंत्रित विस्फोट किया गया.

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले द्वितीय विश्व युद्ध के एक विशाल बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया. बहरागोड़ा क्षेत्र के पानीपड़ा-नागुइसाई के पास मिले इस 227 किलोग्राम वजनी बम ने इलाके में दहशत फैला दी थी. बुधवार को सेना के विशेषज्ञों ने एक जटिल और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन के तहत इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया. इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान की आशंका को पूरी तरह टाला जा सके. स्थानीय प्रशासन और सेना के समन्वय से चलाए गए इस अभियान के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है. यह घटना इस इलाके के ऐतिहासिक महत्व को भी उजागर करती है, जहां दशकों पुराना विस्फोटक अब सामने आया.
नियंत्रित विस्फोट से किया गया निष्क्रिय
सेना ने इस बम को निष्क्रिय करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई. अमेरिका निर्मित ANM-64 बम को लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में रखकर चारों ओर बालू की बोरियों से ढक दिया गया, ताकि विस्फोट का प्रभाव सीमित रहे. सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को खाली कराया गया और करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई. इसके बाद सुरक्षित दूरी से नियंत्रित विस्फोट कर बम को नष्ट किया गया.
सेना के नेतृत्व में चला ऑपरेशन
इस ऑपरेशन का नेतृत्व कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह की निगरानी में संपन्न हुई. कलाइकुंडा एयरबेस के साथ तालमेल बनाकर सेना ने तकनीकी रूप से सटीक योजना तैयार की. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के क्षेत्रों में कंपन महसूस किया गया, हालांकि सुरक्षा इंतजामों के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ.
80 साल पुराना बम, अब मिला सुराग
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान गिराया गया था और लंबे समय से नदी की रेत में दबा हुआ था. 15 अप्रैल को यह अचानक सतह पर नजर आया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. सफल ऑपरेशन के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है. फिलहाल एहतियात के तौर पर लोगों को उस इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई है, जब तक पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती.

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