
नक्सली कमांडर अनिल भुईयां गिरफ्तार, सात साल से थी पुलिस को तलाश
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने विश्रामपुर क्षेत्र में चलाया सर्च अभियान , 2018 के मुठभेड़ मामले में था वांछित , पुलिस को मिली बड़ी सफलता

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने विश्रामपुर क्षेत्र में चलाया सर्च अभियान , 2018 के मुठभेड़ मामले में था वांछित , पुलिस को मिली बड़ी सफलता

मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को मिली धमकी में दावा किया गया कि फोन करने वाले ने कहा कि आतंकवादी प्रधानमंत्री के विमान पर हमला कर सकते हैं.

नारायणपुर मुठभेड़ से वापस लौट रहे डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के जवानों से भरे वाहन को नक्सलियों ने निशाना बनाया. आईईडी ब्लास्ट में 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गये.

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने, इसकी सीबीआई जांच करने की मांग को लेकर असफल अभ्यर्थी रांची में जुटे थे. पुलिस ने भी मोर्चा संभाल रखा था. पूरी तैयारी के साथ आंदोलनकारियों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा गया और हिरासत में लिया गया.

जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता कमेटी की अध्यक्षता करेंगे . वहीं आयोग की संयुक्त सचिव मधुमिता कुमारी और उप - सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार लाल को कमेटी का सदस्य बनाया गया है . एक हफ्ते में यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी.

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी 16 सितंबर को एक्स पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी टैग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की थी.

बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा लिये ये तीनों नेता बीजेपी में आ तो गये हैं, लेकिन सबको टिकट मिलेगी उसकी कोई गारंटी नहीं है.

2020 में PIL दायर कर पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, अमर कुमार बाउरी और नीलकंठ सिंह मुंडा के खिलाफ आय से अधिक सम्पति होने का आरोप लगाते हुए ACB से जांच की मांग की थी.
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

पुलिस ने बंद कमरे में बुजुर्ग महिला और उसके 15 साल के पोते को बेरहमी से पीटा. महिला पदाधिकारी ने बुजुर्ग दादी को बाल पकड़कर जमीन पर पटका. इतने में भी मन नहीं भरा तो उसे डंडों से पीटा. फिर थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने पोते को डंडों से मारा.

ऐसा लग रहा कि हेमंत सोरेन औरंगजेब जैसा व्यवहार कर रहे हैं. वे विधानसभा चुनाव में करारी हार को देखते हुए पूरी तरह बौखला गए हैं.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.