झारखंड में NHM और आउटसोर्स कर्मियों का बकाया पैसा कब मिलेगा? विभाग ने दी डेडलाइन
झारखंड सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले आउटसोर्स और NHM कर्मियों के सितंबर माह के बकाया मानदेय का भुगतान 16 अक्टूबर तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. वहीं, सभी सहियाओं को ₹12,000 मानदेय मिलने की स्थिति पर जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है.

Ranchi: झारखंड में दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों से पहले आउटसोर्स एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा ने सभी जिलों को 16 अक्टूबर तक सितंबर माह के बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है. इसके साथ ही सभी सहियाओं को 12 हजार रुपये मानदेय मिलने की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है. शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में मानदेय भुगतान की समीक्षा की गई और अधिकारियों को त्योहार से पहले सभी संबंधित कर्मियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाने का निर्देश दिया गया.
16 अक्टूबर तक सितंबर माह के बकाया मानदेय का भुगतान करने का निर्देश
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा ने राज्य के सभी जिलों में आउटसोर्स कर्मियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के बकाया मानदेय की समीक्षा की. शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में विभिन्न जिलों से भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई. कई जिलों के अधिकारियों ने बताया कि जुलाई और अगस्त महीने तक के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है. इसके बाद विशेष सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 16 अक्टूबर तक सितंबर माह तक के सभी बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि त्योहार से पहले कर्मचारियों के खातों में राशि पहुंचनी चाहिए, ताकि वे बिना आर्थिक परेशानी के त्योहार मना सकें.
राशि की कमी होने पर जिलों को तुरंत मांग भेजने का निर्देश
बैठक के दौरान विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानदेय भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए. यदि किसी जिले को आने वाले महीनों के मानदेय भुगतान के लिए अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, तो संबंधित अधिकारी तत्काल विभाग को इसकी मांग भेजें. विभाग की ओर से आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है. बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला और डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन शामिल हुए. अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने को कहा गया, ताकि त्योहार से पहले सभी पात्र कर्मियों को उनका बकाया मानदेय मिल सके.
सभी सहियाओं को 12 हजार रुपये मानदेय मिलने की रिपोर्ट मांगी
विशेष सचिव ने बैठक में राज्य की सहियाओं के मानदेय भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने सभी जिलों को स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया कि क्या सभी सहियाओं को 12 हजार रुपये का मानदेय प्राप्त हुआ है. इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों से भुगतान का विवरण और भुगतान पत्रक भी जमा करने को कहा गया है. इन दस्तावेजों के माध्यम से विभाग सहियाओं को किए गए वास्तविक भुगतान की स्थिति का आकलन करेगा. विशेष सचिव ने निर्देश दिया कि इस मामले में भी प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए. स्वास्थ्य विभाग का जोर है कि आउटसोर्स कर्मियों, एनएचएम कर्मचारियों और सहियाओं के मानदेय भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे और बकाया राशि के भुगतान में अनावश्यक देरी न हो.


