Ranchi: राजधानी रांची में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच एक दर्दनाक मामला सामने आया है. खादगढ़ा बाजार स्थित नीम चौक के पास प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद एक महिला की हार्ट अटैक से मौत हो गई. मृतका की पहचान पार्वती देवी के रूप में हुई है. इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.
परिजनों का आरोप है कि प्रशासन के अल्टीमेटम से पार्वती देवी मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थीं. परिजनों के मुताबिक, घर टूटने के डर से वह पूरी रात घर के बाहर बैठकर रोती रहीं. लगातार तनाव और घबराहट के बीच सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि यह मौत सीधे तौर पर प्रशासनिक दबाव और मानसिक तनाव का परिणाम है.
मृतका के परिवार ने नगर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी तरह का कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया था. परिजनों ने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहा है और वहीं से उनकी आजीविका भी चलती है. ऐसे में अचानक घर हटाने की कार्रवाई से वे पूरी तरह असहाय हो जाएंगे.
परिवार का कहना है कि अगर प्रशासन पहले नोटिस देता या पुनर्वास की कोई व्यवस्था बताता, तो शायद यह स्थिति नहीं बनती. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है.
अपर प्रशासक ने कही जांच की बात
मामले को लेकर जब नगर निगम के अपर प्रशासक संजय कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि रांची को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस घटना से संबंधित कोई लिखित शिकायत या जानकारी नगर निगम को दी जाती है, तो मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल इस घटना ने प्रशासनिक कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित परिवारों के लिए उचित सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके.

