108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जारी, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से वार्ता विफल
झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही. कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें चार महीने से वेतन नहीं मिला है और नौकरी की सुरक्षा समेत कई मांगें लंबित हैं. सरकार ने नई एजेंसी के चयन का भरोसा दिया है.

चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप, दो प्रमुख मांगें लंबित; स्वास्थ्य मंत्री ने नई एजेंसी के चयन का दिया भरोसा, सिविल सर्जन के माध्यम से संचालन की मांग खारिज
झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ वार्ता की. हालांकि, वार्ता के बाद भी गतिरोध बरकरार है. कर्मचारियों का कहना है कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से केवल एक पर सहमति बनी है, जबकि दो मांगें अब भी लंबित हैं. ऐसे में उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.
कर्मचारियों के मुताबिक, उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने कंपनी पर भुगतान में अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाया. कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें 17 से 18 हजार रुपये तक वेतन मिलता था, लेकिन अब वेतन घटकर 8 से 9 हजार रुपये रह गया है. एंबुलेंस की मरम्मत तक का खर्च कई बार उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ता है. लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है.
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे करीब 30 से 35 वर्षों से सेवा दे रहे लोगों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने सरकार से बकाया भुगतान, नौकरी की सुरक्षा और एंबुलेंस सेवा के संचालन की व्यवस्था में सुधार की मांग की. कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि श्रम विभाग के निर्देशों का कंपनी की ओर से पालन नहीं किया जा रहा है.
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि भुगतान को लेकर कर्मचारियों और एजेंसी के दावों की जांच कराई जाएगी. एजेंसी का कहना है कि भुगतान किया जा चुका है, जबकि कर्मचारी इससे इनकार कर रहे हैं. मंत्री ने जल्द नई एजेंसी के चयन का भरोसा भी दिया.
हालांकि, एंबुलेंस सेवा को सिविल सर्जन के माध्यम से संचालित करने की कर्मचारियों की मांग को मंत्री ने प्रक्रिया के अनुरूप नहीं बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कर्मचारियों से त्योहार के मद्देनजर हड़ताल समाप्त करने की अपील की और चेतावनी दी कि मरीजों की सेवा बाधित होने पर सरकार दूसरे कर्मचारियों की व्यवस्था कर सकती है.
फिलहाल, वार्ता बेनतीजा रहने के कारण 108 एंबुलेंस कर्मियों का आंदोलन जारी है. अब देखना होगा कि सरकार बकाया भुगतान और अन्य लंबित मांगों पर क्या कदम उठाती है.


