बोकारो में श्वेता सिंह का अनशन खत्म, सकारात्मक बातचीत के बाद विस्थापितों के आंदोलन पर लगा विराम
बोकारो स्टील प्लांट में स्थानीय विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं के नियोजन की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 12वें दिन समाप्त हो गया. बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने बोकारो निवास में उपायुक्त और BSL अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद अपना अनिश्चितकालीन अनशन और धरना खत्म कर दिया.

Report: Neeraj Singh
Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट में स्थानीय विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं के नियोजन की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है. विस्थापितों के हक में कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह की ओर से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी अब समाप्त हो गई है. आंदोलन के 12वें दिन सकारात्मक बातचीत के बाद विधायक श्वेता सिंह ने अपना अनशन और धरना खत्म करने का फैसला लिया. इससे पहले लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और धरना स्थल पर ही उनका इलाज चल रहा था. आंदोलन को लेकर प्रशासन और BSL प्रबंधन के साथ लगातार बातचीत का दौर चल रहा था. इसी क्रम में बोकारो निवास में उपायुक्त और BSL के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें विस्थापितों की मांगों और नियोजन के मुद्दे पर चर्चा हुई. बातचीत के बाद बनी सहमति के आधार पर फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया गया है. अनशन खत्म करने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि आगे काम करने का मौका मिला है नियोजन नीति पर. मुख्य सचिव, सेल चेयरमैन, बोकारो डीसी और गृह सचिव, को समझौते से संबंधित पत्र भेजा जाएगा और जल्द ही मांगों पर उचित कार्रवाई होगी.
बोकारो निवास में बैठक, BSL और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
विस्थापित अप्रेंटिस संघ की मांगों को लेकर आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा था. स्थानीय युवाओं का कहना था कि बोकारो स्टील प्लांट के लिए उनकी जमीन गई, उनके परिवारों ने विस्थापन का दर्द झेला, लेकिन रोजगार और नियोजन के सवाल पर उन्हें लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी. बाद में बोकारो विधायक श्वेता सिंह भी आंदोलनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठ गईं. विधायक के अनशन पर बैठने के बाद आंदोलन का दबाव और बढ़ गया. लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम आंदोलन स्थल पर उनकी निगरानी कर रही थी. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नियमित जांच की और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराने की बात भी कही थी. आंदोलन के दौरान BSL के गेटों पर भी प्रदर्शन हुआ और प्लांट के कामकाज पर असर पड़ा. बाद में प्रशासनिक हस्तक्षेप और न्यायिक प्रक्रिया के बीच गेट खोले गए. लेकिन विस्थापितों की मूल मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहा.
सकारात्मक बातचीत के बाद 12वें दिन खत्म हुआ अनशन
इसी बीच बोकारो निवास में अहम बैठक हुई. बैठक में बोकारो के उपायुक्त के साथ BSL के पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक में विस्थापितों की मांग, अप्रेंटिस युवाओं के नियोजन और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई. बातचीत के बाद सकारात्मक माहौल बना और आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता निकला. इसके बाद अनशन के 12वें दिन विधायक श्वेता सिंह ने अपनी भूख हड़ताल और धरना खत्म कर दिया. उनके अनशन खत्म करने के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन पर फिलहाल विराम लग गया है. हालांकि, अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में जिन मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है, उन पर आगे किस तरह की कार्रवाई होती है. क्योंकि आंदोलन खत्म होने का मतलब यह नहीं कि विस्थापित युवाओं का रोजगार और नियोजन का सवाल खत्म हो गया. अब आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों की निगाह BSL प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर रहेगी. 12 दिन के संघर्ष के बाद फिलहाल सड़क से बातचीत की टेबल तक पहुंचा आंदोलन अब फैसले के इंतजार में है.

