आजसू को लगातार दूसरा झटका! हरेलाल के बाद खगेन महतो भाजपा में शामिल
झारखंड में bjp ने अपना कुनबा बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है. हरेलाल महतो के बाद आजसू नेता खगेन महतो ने भी भाजपा का दामन थाम लिया. वहीं, बरकट्ठा की कुमकुम देवी समेत कई अन्य लोग भी पार्टी में शामिल हुए.

Ranchi: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन का विस्तार करने की कवायद तेज कर दी है. रविवार और सोमवार को पार्टी में कई नेताओं और प्रमुख हस्तियों ने सदस्यता ग्रहण की. रविवार को ईचागढ़ के आजसू नेता हरेलाल महतो भाजपा में शामिल हुए, जबकि सोमवार को ईचागढ़ के आजसू नेता खगेन महतो ने बीजेपी का दामन थामा. वहीं बरकट्ठा की कुमकुम देवी ने दोबारा पार्टी का दामन थामा. इसके अलावा परिंदा सिंह समेत कई अन्य लोगों ने भी भाजपा की सदस्यता ली. कुमकुम देवी पूर्व विधायक खगेंद्र प्रसाद की पुत्रवधू हैं. भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित मिलन समारोह में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे.
हरेलाल के बाद खगेन महतो की एंट्री, आजसू को झटका
ईचागढ़ क्षेत्र में आजसू के नेताओं का भाजपा में शामिल होना झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. हरेलाल महतो के बाद खगेन महतो के भी भाजपा में आने से पार्टी को क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाने का अवसर मिला है. इस घटनाक्रम को कोल्हान क्षेत्र में संगठन मजबूत करने की भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, आजसू के नेताओं के पार्टी छोड़ने से एनडीए के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है. भाजपा लगातार दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़कर संगठन का विस्तार करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, इन राजनीतिक बदलावों का आगामी चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा.
कोल्हान में जनाधार बढ़ाने पर भाजपा का जोर
भाजपा की रणनीति कोल्हान समेत झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की है. हरेलाल महतो और खगेन महतो जैसे क्षेत्रीय नेताओं के पार्टी में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. पार्टी का प्रयास है कि दूसरे दलों के प्रभावशाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़कर राजनीतिक आधार का विस्तार किया जाए. इस घटनाक्रम से आजसू और भाजपा के बीच क्षेत्रीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर भी चर्चाएं बढ़ सकती हैं. खासकर ईचागढ़ क्षेत्र में इन नेताओं के राजनीतिक प्रभाव और समर्थकों की भूमिका पर नजर रहेगी. भाजपा के लिए चुनौती अब नए सदस्यों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और इस राजनीतिक बढ़त को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की होगी.
डिजिटल सदस्यता अभियान से लोगों को जोड़ने की पहल
नेताओं को पार्टी में शामिल करने के साथ भाजपा डिजिटल माध्यम से भी सदस्यता अभियान को आगे बढ़ा रही है. इसके लिए पार्टी की ओर से एक मोबाइल नंबर जारी किया गया है, जिसके जरिए मिस्ड कॉल या कॉल करके सदस्यता प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. प्रदेश मुख्यालय में इस प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया. वहां मौजूद लोगों ने जारी नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उनके मोबाइल फोन पर एक संदेश प्राप्त हुआ. संदेश में सदस्यता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक लिंक दिया गया था. इस लिंक के माध्यम से इच्छुक लोग आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. डिजिटल सदस्यता अभियान का उद्देश्य आम लोगों तक सीधे पहुंच बनाना और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी संगठन से जोड़ना है.
नेताओं की एंट्री और डिजिटल अभियान से भाजपा को कितनी मजबूती?
एक ओर भाजपा हरेलाल महतो, खगेन महतो और अन्य नेताओं को अपने साथ जोड़कर संगठन का विस्तार करने में जुटी है, तो दूसरी ओर डिजिटल सदस्यता अभियान के जरिए आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है. पार्टी के लिए यह पहल राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, नए नेताओं के शामिल होने और ऑनलाइन सदस्यता अभियान का वास्तविक प्रभाव उनके समर्थकों की भागीदारी, संगठन की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. अब देखना होगा कि भाजपा की यह रणनीति झारखंड में पार्टी को कितनी मजबूती देती है और इसका असर एनडीए के भीतर सहयोगी दलों के समीकरणों पर किस तरह पड़ता है.

