साहिबगंज हत्याकांड: चाचा के बयान पर FIR दर्ज, आधा दर्जन से अधिक नामजद, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
साहिबगंज के आदर्श हत्याकांड में मृतक के चाचा के बयान पर एफआईआर दर्ज कर आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद किया गया है. परिजनों का आरोप है कि हमलावरों का असली निशाना हैप्पी था और रंगदारी विवाद के चलते आदर्श की हत्या कर दी गई. पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट
Sahebganj: साहिबगंज के नगर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय आदर्श उर्फ कुक्कू की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. मृतक के चाचा संतोष कुमार के बयान पर नगर थाना में कांड संख्या 116/26 दर्ज किया गया है. मामला बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. वहीं, परिजनों का आरोप है कि हमलावरों का असली निशाना मृतक का चचेरा भाई हैप्पी था, जिसकी तलाश आरोपी पहले से कर रहे थे. परिवार का दावा है कि रंगदारी और पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया. फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाने में लगी है.
चाचा के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी, कई आरोपी नामजद
मृतक आदर्श उर्फ कुक्कू के चाचा संतोष कुमार के बयान के आधार पर नगर थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत केस दर्ज करते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
परिजनों का दावा- हैप्पी की तलाश कर रहे थे आरोपी
घटना के बाद सदर अस्पताल पहुंचे मृतक के चचेरे भाई हैप्पी ने पुलिस को बताया कि वारदात से पहले आरोपी उसकी तलाश कर रहे थे. उसके अनुसार, रात करीब 8:06 बजे सत्यम आर्य ने उसके चाचा सुनील कुमार को फोन कर उसके बारे में जानकारी ली थी. जब उन्हें बताया गया कि वह घर पर नहीं है, तब आरोपी अपने साथियों के साथ इलाके में उसकी तलाश करने लगे. हैप्पी का कहना है कि वह उस समय फोन पर बात करते हुए सीधे घर पहुंच गया. घर लौटने के बाद वह बाहर घूम रहे युवकों का वीडियो अपने भाई आदर्श को दिखा रहा था. इसी दौरान आदर्श घर से बाहर निकला और पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
अस्पताल में मोबाइल पर फोटो दिखाकर न्याय की मांग
घटना के बाद सदर अस्पताल में मृतक की चाची ने पुलिस अधिकारियों के सामने मोबाइल में एक युवक की तस्वीर दिखाते हुए न्याय की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि अंशु कुमार सिन्हा ने सत्यम के कहने पर आदर्श को गोली मारी. परिजनों के अनुसार, वारदात में सत्यम, सोम कुमार, नीरज यादव, अंकित सहित दो अन्य युवक भी शामिल थे. परिवार ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस ने परिजनों के आरोपों को दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों का सत्यापन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा.
रंगदारी और पुरानी रंजिश का आरोप, जांच जारी
परिजनों का आरोप है कि हमलावरों का वास्तविक निशाना हैप्पी था. उनका कहना है कि करीब 10 दिन पहले आरोपियों ने हथियार के बल पर उससे 550 रुपये छीन लिए थे और 10 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी. रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी. इसके अलावा घटना से तीन दिन पहले भी सब्जी खरीदने के दौरान आरोपियों ने उसे घेरकर धमकाया था, जिसकी जानकारी उसने घर लौटकर परिवार को दी थी. परिजनों का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश और रंगदारी विवाद के कारण आदर्श की हत्या की गई. हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.



