रिम्स में जाम से मिलेगी राहत! फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव, मरीजों व एंबुलेंस को होगा फायदा
रांची के रिम्स में जाम की समस्या दूर करने के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क बनाने का प्रस्ताव सामने आया है. योजना पर अमल होने से मरीजों, एंबुलेंस, चिकित्सकों और आम लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है.

रांची:- झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में जाम की समस्या दूर करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहल की गई है. अस्पताल परिसर में फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क बनाने का प्रस्ताव सामने आया है. इसका उद्देश्य अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान करना और आम वाहनों को अस्पताल परिसर से बाहर ही अलग रास्ता उपलब्ध कराना है. इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है. पत्र की प्रति रिम्स निदेशक को भी भेजी गई है. प्रस्ताव पर अमल होने से मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और एंबुलेंस को राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, अभी निर्माण की स्वीकृति, बजट और काम शुरू होने की तारीख की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
रिम्स परिसर में जाम की समस्या होगी कम
रिम्स परिसर के बीच से होकर कोकर की ओर जाने वाली सड़क गुजरती है. इस वजह से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों के साथ-साथ आम यातायात का दबाव भी इसी सड़क पर रहता है. इससे कई बार परिसर में आवागमन प्रभावित होता है. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जाम की समस्या गंभीर हो सकती है, क्योंकि यहां समय पर इलाज और मरीजों की आवाजाही बेहद जरूरी है. प्रस्तावित यातायात व्यवस्था का मकसद इसी दबाव को कम करना है.
उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने की योजना
प्रस्ताव में रिम्स के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास बनाने की संभावना शामिल है. इससे अस्पताल परिसर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचना आसान हो सकता है. रिम्स में ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी विभाग और अन्य चिकित्सा इकाइयां अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हैं. ऐसे में बेहतर संपर्क मार्ग बनने से मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाने में सुविधा मिल सकती है. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही भी सुगम होने की उम्मीद है.
एंबुलेंस को मिलेगी निर्बाध आवाजाही की सुविधा
आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस के लिए बिना रुकावट रास्ता मिलना बेहद महत्वपूर्ण है. परिसर में वाहनों की भीड़ के कारण एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है. फ्लाईओवर या अंडरपास के जरिए अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित किया जा सकता है. इससे गंभीर मरीजों को संबंधित चिकित्सा इकाई तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, वास्तविक राहत निर्माण की योजना, उसके क्रियान्वयन और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर निर्भर करेगी.
आम वाहनों के लिए बनेगा वैकल्पिक रास्ता
प्रस्ताव में बरियातू रोड स्थित रिम्स गेट से कोकर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग फ्लाईओवर और सड़क बनाने की योजना भी शामिल है. इसका उद्देश्य आम यातायात को अस्पताल परिसर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ने का विकल्प देना है. यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो अस्पताल के अंदर बाहरी वाहनों का दबाव कम हो सकता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों के लिए परिसर में आने-जाने की राह आसान बनाने में मदद मिलने की संभावना है.
प्रस्ताव पर कार्रवाई का इंतजार, मरीजों को राहत की उम्मीद
रिम्स में झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में परिसर के भीतर और आसपास यातायात व्यवस्था बेहतर होने से मरीजों तथा उनके परिजनों को सुविधा मिल सकती है. स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में पथ निर्माण विभाग से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. अब प्रस्ताव की स्वीकृति, तकनीकी योजना, बजट और निर्माण कार्य शुरू होने से जुड़ी आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है. इसके लागू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रिम्स परिसर में जाम की समस्या कितनी कम होती है और एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों की आवाजाही में कितना सुधार आता है.

