प्रदीप यादव ने सदन मे अपनी ही सरकार को घेरा, पेयजल विभाग में गबन के मामले पर EE पर FIR की मांग पर अड़े, कहा: कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे
रांची : विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष तो कई मुद्दों पर सरकार को घेर ही रही है. अब सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सदन में सरकार की नाक में दम कर दिया है. बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने स्वर्णरेखा परियोजना में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने इस मा...


रांची :
विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष तो कई मुद्दों पर सरकार को घेर ही रही है. अब सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सदन में सरकार की नाक में दम कर दिया है. बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने स्वर्णरेखा परियोजना में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने इस मामले के आरोपी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर चंद्रशेखर के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सरकार से सवाल पूछा. कहा कि विभाग ने सिर्फ अपर डिविजन क्लर्क संतोष कुमार के खिलाफ ही कार्रवाई क्यों की, जबकि इस गड़बड़ी में कई लोग शामिल थे. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि इस मामले की उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वह धरने पर बैठेंगे.
फर्जी खाता खोलकर करोड़ों की हुई निकासी
प्रदीप यादव ने कहा कि स्वर्णरेखा परियोजना के अधीन शीर्ष कार्य प्रमंडल में फर्जी खाता खोलकर करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का मामला वित्त विभाग की जांच रिपोर्ट में आया है. रांची और लोहरदगा में एलएंडटी कंपनी को होने वाला बिल भुगतान कंपनी को ना कर गबन कर लिया गया. इस मामले में कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर समेत अन्य इंजीनियरों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए.
सत्ता पक्ष के 5 विधायक FIR की मांग पर अड़े
इसपर सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि चलते सत्र में जांच कर सभा को अवगत कराया जाएगा. वहीं इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक स्टीफन मरांडी, रामेश्वर उरांव, हेमलाल मुर्मू और मथुरा महतो ने भी प्रदीप यादव का समर्थन करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि विभागीय जांच का मतलब सिर्फ लीपापोती होता है. इसलिए प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए.
27 मिनट बहस के बाद 7 दिन के लिए सवाल स्थगित
इस मामले पर सदन के अंदर करीब 27 मिनट तक बहस होती रही. बहस को लंबा खिंचता देखकर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने मंत्री से कहा कि एक ही सवाल पर 27 मिनट हो गए. इस पर फैसला लें, नहीं तो सदन नियमन देगा. तब प्रभारी मंत्री ने कहा कि सात दिन के अंदर मामले पर कार्रवाई कर सदन को अवगत कराया जाएगा. इस पर प्रदीप यादव ने स्पीकर से आग्रह किया कि सवाल को 7 दिन के लिए स्थगित कर दिया जाए.

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