जमशेदपुर में कांग्रेस-भाजपा भिड़ंत पर पुलिस का एक्शन, 4 नामजद समेत 50 अज्ञात पर FIR
जमशेदपुर के बिष्टुपुर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. दंडाधिकारी की शिकायत पर चार नामजद और 50 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. पुलिस वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है.

जमशेदपुर:- बिष्टुपुर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है. कांग्रेस जिला कार्यालय के बाहर हुए हंगामे को लेकर चार लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 50 अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपित बनाया गया है. दंडाधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में पत्थरबाजी, हंगामा, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं. यह घटना 12 अक्टूबर को बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस जिला मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर हुई थी. उस दिन भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े एक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंची थीं. इसी दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया और स्थिति झड़प में बदल गई. घटना में सात से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई थी. अब पुलिस वीडियो फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की मदद से घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है.
निखिल तिवारी समेत चार लोगों के नाम प्राथमिकी में शामिल
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में निखिल तिवारी, मोहम्मद सेराज उर्फ झेलन राजू, शशांक शेखर और दीपू शर्मा को नामजद किया गया है. इनके अलावा 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है. पुलिस सभी संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
दंडाधिकारी की शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
इस मामले में दंडाधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. शिकायत में हंगामा करने, पथराव, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस अब इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है.
JNU से जुड़े मामले पर प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद
घटना 12 अक्टूबर को बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर हुई थी. जानकारी के अनुसार, JNU से जुड़े एक मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंची थीं. इसी बीच कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के बाद मारपीट और पत्थरबाजी की स्थिति बन गई.
झड़प में सात से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना
घटना के दौरान दोनों पक्षों के लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. बताया गया कि झड़प में सात से अधिक लोग चोटिल हुए. घटना के बाद दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस को लिखित शिकायत नहीं दी गई थी. इसके बावजूद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की.
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपितों की पहचान करेगी पुलिस
पुलिस घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. जांच का उद्देश्य झड़प में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना और कथित पत्थरबाजी तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटनाओं की पुष्टि करना है. साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

