PM Kisan 23rd Installment: 9.44 करोड़ किसान परिवारों के खातों में पहुंचे 18,880 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23वीं किस्त जारी कर दी. इस अवसर पर देशभर में पीएम किसान उत्सव दिवस मनाया गया.

PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23वीं किस्त जारी कर दी. इस अवसर पर देशभर में पीएम किसान उत्सव दिवस मनाया गया. झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को योजना की जानकारी देने के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों और पशुपालन से जुड़ी नई जानकारियां उपलब्ध कराई गईं. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया. इस किस्त के तहत देश के 9.44 करोड़ किसान परिवारों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देना था.
9.44 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 18,880 करोड़ रुपये
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी की गई 23वीं किस्त के माध्यम से केंद्र सरकार ने देशभर के 9.44 करोड़ किसान परिवारों को बड़ी राहत दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए डीबीटी के जरिए 18,880 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की. इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है. सरकार का मानना है कि इस राशि से किसानों को खेती-किसानी के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद मिलती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. किसानों ने भी इस योजना को खेती के लिए उपयोगी बताते हुए सरकार के इस प्रयास की सराहना की है.
रांची में आयोजित हुआ पीएम किसान उत्सव दिवस
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची में पीएम किसान उत्सव दिवस का आयोजन किया गया. रांची कृषि महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे किसानों ने उत्साहपूर्वक देखा और सुना. आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों से अवगत कराना था. कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर भी मिला. इस दौरान किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई, जिससे उन्हें आधुनिक खेती की दिशा में नई जानकारी प्राप्त हुई.
किसानों को दी गई आधुनिक खेती और पशुपालन की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती और पशुपालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. किसानों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया, खरीफ फसल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, बकरी पालन, मुर्गी पालन और सूअर पालन जैसे विषयों पर तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई. इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन और उसके लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया. विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों से अवगत कराया और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया. वैज्ञानिकों ने कहा कि बदलते समय में नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं.
2500 किसानों ने लिया कार्यक्रम में हिस्सा
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय और विश्वविद्यालय के अधीन संचालित 16 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के संयुक्त प्रयास से इस कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से राज्यभर के करीब 2500 किसानों ने इसमें भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. डी.के. शाही और अपर निदेशक डॉ. निरंजन लाल के नेतृत्व में किया गया. इस अवसर पर अनुसंधान निदेशक डॉ. पी.के. सिंह, कुलसचिव डॉ. शैलेश चट्टोपाध्याय, पशु चिकित्सा संकाय के डीन डॉ. आलोक कुमार पांडेय, वानिकी संकाय के डीन डॉ. कौशल कुमार, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. बी.के. झा सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे. किसानों ने इस आयोजन को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की मांग की.


