रिम्स में नव नामांकित एमबीबीएस विद्यार्थियों ने ली कैडेवरिक ओथ
रिम्स, रांची के एनाटॉमी विभाग में नव नामांकित एमबीबीएस विद्यार्थियों ने कैडेवरिक ओथ लेकर मानव शरीर दान करने वाले व्यक्ति को अपना प्रथम एनाटॉमी शिक्षक मानते हुए उनके प्रति सम्मान, कृतज्ञता और गोपनीयता बनाए रखने तथा चिकित्सा ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करने का संकल्प लिया.

Ranchi: राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के एनाटॉमी विभाग में नव नामांकित एमबीबीएस विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के प्रारंभिक चरण में कैडेवरिक ओथ (Cadaveric Oath) दिलाई गई. विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) धर्मेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मानव शरीर दान करने वाले व्यक्ति को अपना प्रथम एनाटॉमी शिक्षक मानते हुए उनके प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता बनाए रखने, दानदाता की निजता एवं गोपनीयता का सम्मान करने तथा अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता की सेवा में करने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानव शरीर दान के महत्व तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया. बताया गया कि शरीर दान करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार का यह उदार योगदान भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करने और चिकित्सा कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करता है. यह पहल विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना, नैतिक मूल्यों, दानदाताओं के प्रति कृतज्ञता और चिकित्सा पेशे के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम में एनाटॉमी विभाग के अन्य संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थी भी उपस्थित थे.

