नामांकन के दौरान विधायक सत्यदेव राम गिरफ्तार, 20 साल पुराना मामला बना वजह
Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की प्रक्रिया जोरों पर है. इसी क्रम में सीपीआई-माले के विधायक सत्यदेव राम नामांकन दाखिल करने समाहरणालय पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों ने जमकर ...


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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की प्रक्रिया जोरों पर है. इसी क्रम में सीपीआई-माले के विधायक सत्यदेव राम नामांकन दाखिल करने समाहरणालय पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
वर्तमान विधायक और उम्मीदवार हैं सत्यदेव राम
सत्यदेव राम फिलहाल दरौली विधानसभा सीट से विधायक हैं. सीपीआई-माले ने हाल ही में अपने 18 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है, जिसमें सत्यदेव राम का नाम भी शामिल है. इसी के तहत वह नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे. हालांकि, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी की वजह - 20 साल पुराना मामला
गिरफ्तारी की वजह 2005 में दरौंदा रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति के हुए ‘रेल रोको आंदोलन’ को बताया गया है. इस मामले में रेलवे थाना कांड संख्या 36/2005 के तहत केस दर्ज हुआ था. लंबे समय से इस केस में सुनवाई लंबित थी, लेकिन सोनपुर रेलवे कोर्ट के एसीजेएम ने इस पर स्थायी वारंट जारी कर रखा था. उसी वारंट के आधार पर सत्यदेव राम को समाहरणालय परिसर से गिरफ्तार किया गया.
विधायक का बयान - 'जानबूझकर टारगेट किया गया'
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बात करते हुए सत्यदेव राम ने कहा, "यह मामला बहुत पुराना है. अगर पुलिस या प्रशासन पहले ही जानकारी दे देते, तो मैं अग्रिम जमानत ले लेता. मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं थी. ऐसा लगता है कि जानबूझकर मुझे निशाना बनाया गया है."
उन्होंने कहा, "मैं नामांकन दाखिल करने आया था और वह अच्छे से पूरा हो गया. इसके बाद पुलिस वालों ने कहा कि अब आपको जेल जाना होगा. हम पहले भी जेल से चुनाव लड़ चुके हैं, इस बार भी लड़ेंगे."
सीपीआई-माले ने गिरफ्तारी की निंदा की
विधायक की गिरफ्तारी के बाद सीपीआई-माले के राज्य सचिव कुणाल ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "यह गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक है और सरकार के इशारे पर की गई है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. इससे महागठबंधन के भीतर तनाव की स्थिति बन सकती है."
चुनाव और सियासी असर
सत्यदेव राम की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब चुनावी सरगर्मियां तेज हैं और महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन जारी है. ऐसे में इस गिरफ्तारी के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और यह आने वाले दिनों में चुनावी राजनीति को प्रभावित कर सकती है.

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