Honey Trap साजिश का बड़ा खुलासा! सुंदर युवतियों के गैंग के जरिए मंत्रियों को निशाना बनाने की थी तैयारी
पश्चिम बंगाल STF की जांच में कथित हनीट्रैप नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध हमीम मंडल से पूछताछ में सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को जोड़कर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की साजिश के संकेत मिले हैं. मामले में झारखंड की एक मॉडल का नाम भी सामने आया है.

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में एक कथित हनीट्रैप नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें संदिग्ध आतंकी गतिविधियों और विदेशी हैंडलरों की भूमिका की जांच की जा रही है. जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध हमीम मंडल उर्फ हमीद मंडल से पूछताछ में ऐसे इनपुट मिले हैं कि सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को जोड़कर प्रभावशाली लोगों को कथित रूप से हनीट्रैप में फंसाने की योजना बनाई जा रही थी. जांच में झारखंड की एक उभरती मॉडल का नाम भी सामने आया है. फिलहाल STF डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को कथित तौर पर बनाया जा रहा था नेटवर्क का हिस्सा
जांच एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर सक्रिय सुंदर युवतियों और उभरती मॉडल्स को कथित तौर पर इस नेटवर्क का निशाना बनाया जाता था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विदेशी हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित करते थे और मॉडलिंग, एक्टिंग या करियर में अवसर देने का लालच देकर विश्वास जीतने की कोशिश करते थे. इसके बाद उन्हें कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के करीब पहुंचने और संबंध बनाने के लिए तैयार किया जाता था. STF इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से अब तक कितनी युवतियां जुड़ी थीं और उनकी भूमिका क्या रही.
झारखंड की एक मॉडल का नाम भी जांच में आया सामने
जांच के दौरान झारखंड की एक उभरती मॉडल का नाम भी सामने आया है. अधिकारियों के अनुसार, उसे मॉडलिंग और मनोरंजन जगत में अवसर दिलाने का लालच देकर कथित साजिश का हिस्सा बनाने की कोशिश की गई थी. हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक उस मॉडल की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और न ही यह स्पष्ट किया है कि उसकी भूमिका क्या थी. फिलहाल STF यह पता लगाने में जुटी है कि वह केवल संपर्क में थी या नेटवर्क की गतिविधियों में उसकी कोई सक्रिय भूमिका भी थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच जारी है.
ऑनलाइन ट्रेनिंग और मोटी रकम का कथित लालच
STF के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी युवतियों को ऑनलाइन माध्यम से निर्देश दिए जाते थे. आरोप है कि उन्हें पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती बढ़ाने, फिर धीरे-धीरे लक्षित व्यक्तियों के करीब पहुंचने और कथित हनीट्रैप की रणनीति अपनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल होने के लिए मोटी रकम का लालच भी दिया जाता था. हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी और फिलहाल एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं.
मंत्रियों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की आशंका
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस कथित नेटवर्क का लक्ष्य किन प्रभावशाली लोगों को बनाना था. STF के अनुसार, प्रारंभिक इनपुट में कुछ मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को कथित रूप से निशाना बनाए जाने की योजना के संकेत मिले हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल हनीट्रैप तक सीमित था या इसके जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल करने या ब्लैकमेल करने की भी साजिश थी. फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक सूची या नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा
पश्चिम बंगाल STF ने हाल ही में हमीम मंडल उर्फ हमीद मंडल को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित कथित आतंकवादी नेटवर्क के संपर्क में था और सुरक्षा बलों पर हमले की संभावित साजिश की भी जांच की जा रही है. साथ ही, उसके बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच चल रही है. जांच में अर्पिता सरकार नाम की महिला सहयोगी का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है. हालांकि, एजेंसियों ने अभी तक अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है और पूरा मामला जांच के अधीन है.

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