JPSC गड़बड़ी मामले में CID का बड़ा एक्शन! पलामू समेत 10 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
झारखंड की 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है. सोमवार को CID और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने पलामू, रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा और रामगढ़ समेत 10 से अधिक जिलों में एक साथ छापेमारी की.

Ranchi: झारखंड की 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है. सोमवार को सीआईडी और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने राज्यभर में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया. पलामू, रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा और रामगढ़ समेत 10 से अधिक स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई. जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन सामग्रियों से परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और उससे जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. फिलहाल सभी जब्त सामग्री की जांच की जा रही है.
पलामू में संतोष कुमार सिंह और रविशंकर कुमार के ठिकानों पर छापेमारी
सीआईडी और पुलिस की संयुक्त टीम ने पलामू जिले में मेदिनीनगर और नौडीहा बाजार स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान बीएन कॉलेज के पास हमीदगंज मोहल्ला स्थित संतोष कुमार सिंह के आवास और नौडीहा बाजार स्थित उनके पैतृक घर की गहन तलाशी ली गई. अधिकारियों ने यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा जांच टीम ने मामले से जुड़े रविशंकर कुमार के मेदिनीनगर के बारालोटा स्थित आवास पर भी छापेमारी की. यहां से भी कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन जब्त सामग्रियों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध हस्तक्षेप हुआ था या नहीं. फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी.
10 से अधिक जिलों में एक साथ कार्रवाई, जांच का दायरा बढ़ा
सीआईडी ने सोमवार को राज्यभर में समन्वित अभियान चलाते हुए रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़ समेत 10 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई उन व्यक्तियों और संस्थानों पर केंद्रित रही जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं या जिनका परीक्षा प्रक्रिया से किसी न किसी रूप में संबंध होने की आशंका है. कई स्थानों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों के विश्लेषण से कथित गड़बड़ियों के नेटवर्क, डेटा के आदान-प्रदान और परीक्षा प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. हालांकि, एजेंसी ने फिलहाल जांच की गोपनीयता बनाए रखते हुए विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नई कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
पहले भी हुई थी JPSC कार्यालय में कार्रवाई, 11 गिरफ्तारियां
जांच एजेंसियां इससे पहले भी जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले चुकी हैं. अब तक इस मामले में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीआईडी लगातार उन सभी व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है, जिनकी भूमिका जांच के दौरान संदिग्ध पाई गई है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके. जांच के दौरान जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. एजेंसी का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर और किस प्रकार की कथित गड़बड़ियां हुईं. इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चौथे दिन भी पूछताछ, जांच में सामने आ रहे नए तथ्य
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते सोमवार को लगातार चौथे दिन सीआईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की गई. सूत्रों के अनुसार, अब तक हुई पूछताछ में डेटा टेंपरिंग, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य अनियमितताओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं. सीआईडी इन तथ्यों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों और जब्त दस्तावेजों के आधार पर कर रही है. उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी और रांची पुलिस की छापेमारी के बाद एल. ख्यांग्ते ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. अब जांच एजेंसी को उम्मीद है कि हालिया छापेमारी और पूछताछ से मामले की कई और परतें खुल सकती हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित आरोप तय किए जाएंगे.

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