कोडरमा के सिविल सर्जन गिरफ्तार, नाबालिग ने लगाया यौन शोषण का आरोप; जेल भेजे गए डॉ. अनिल कुमार
कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को एक आदिवासी नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. एसपी कुमार शिवाशीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

कोडरमा:- झारखंड के कोडरमा जिले में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है. एक आदिवासी नाबालिग लड़की ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉ. अनिल कुमार को गिरफ्तार किया और न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया. पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़िता इलाज कराने के लिए सिविल सर्जन के निजी क्लिनिक गई थी. लड़की का आरोप है कि इसी दौरान वह उनके संपर्क में आई और बाद में उसके साथ कथित तौर पर कई बार यौन शोषण किया गया. मामले में पहले ऑनलाइन जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद कोडरमा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान संपर्क में आने का आरोप
मामले की जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की इलाज कराने के लिए डॉ. अनिल कुमार के निजी क्लिनिक गई थी. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान डॉक्टर ने उसे अपने झांसे में लिया और कथित तौर पर कई बार यौन शोषण किया. शिकायत सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है.
ऑनलाइन जीरो एफआईआर के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
पीड़िता ने मामले में ऑनलाइन जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद कोडरमा महिला थाना में सिविल सर्जन के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई. जानकारी के मुताबिक, नाबालिग का बयान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष भी दर्ज कराया गया है. पुलिस अब शिकायत में बताए गए तथ्यों की जांच कर रही है.
उरवान स्थित फार्महाउस से गिरफ्तारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने शनिवार रात उरवान स्थित डॉ. अनिल कुमार के फार्महाउस पर कार्रवाई की. पुलिस टीम ने उन्हें वहां से गिरफ्तार किया. इसके बाद पूछताछ के लिए तिलैया डैम थाना ले जाया गया. मामले में पीड़िता से भी पूछताछ की गई, ताकि घटना से संबंधित जानकारी जुटाई जा सके.
मेडिकल जांच के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेशी
पुलिस की ओर से पूछताछ और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद डॉ. अनिल कुमार को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. मेडिकल जांच के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है.
जांच के बाद सामने आएंगे मामले से जुड़े तथ्य
जानकारी के अनुसार, डॉ. अनिल कुमार की उम्र करीब 65 वर्ष बताई गई है और वह अगले वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले थे. सिविल सर्जन की जिम्मेदारी के अलावा उनके निजी क्लिनिक और अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालन की भी जानकारी सामने आई है. फिलहाल पुलिस शिकायत, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा. नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से बचना आवश्यक है.




