JPSC Students Protest: रांची में लंबा चलेगा छात्र आंदोलन, अलग मंच की मिली अनुमति; JPSC रद्द करने की मांग
रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. छात्रों ने JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अलग मंच की अनुमति मिलने के बाद आंदोलन के लंबा चलने के संकेत हैं.

रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन शनिवार को एक नए पड़ाव पर पहुंच गया. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्रों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई. छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और योग्य उम्मीदवारों के अधिकार के लिए है. इसी बीच आंदोलनकारियों को जिला प्रशासन की ओर से अलग मंच बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी मिली. छात्रों ने इसे आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया. दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान मौसम ने भी छात्रों की परीक्षा ली. धूप और बारिश के बावजूद अभ्यर्थी धरना स्थल पर डटे रहे. इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में JPSC-JSSC आंदोलन और लंबा खिंच सकता है.
JPSC रद्द और JSSC-CGL जांच की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से JPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग की है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही JSSC-CGL परीक्षा की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें मेहनत करने वाले योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिले.
धूप-बारिश में जारी रहा धरना, तिरपाल लगाने की कोशिश भी रोकी गई
धरना स्थल पर छात्रों ने मौसम से बचने के लिए तिरपाल लगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली. इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया. शाम में बारिश शुरू होने के बाद भी कई छात्र खुले में डटे रहे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं.
रांची डीसी की मंजूरी से छात्रों को मिला नया मंच
आंदोलन के दौरान छात्रों के लिए राहत की खबर सामने आई. रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की ओर से आंदोलनकारियों को अलग मंच तैयार करने की अनुमति दिए जाने की जानकारी मिली. छात्रों ने इसे अपनी मांगों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से रखने का अवसर बताया. प्रदर्शन स्थल पर खिचड़ी खाते हुए छात्रों को यह सूचना मिली, जिसके बाद आंदोलनकारियों में उत्साह देखने को मिला.
पोस्टर के जरिए भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्रों ने अपने विरोध को अलग-अलग पोस्टर और प्रतीकों के जरिए भी सामने रखा. प्रदर्शन स्थल पर कथित ‘रेट चार्ट’ और नोटों की गड्डियों से जुड़े पोस्टर नजर आए. इनके जरिए अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
राजनीतिक मंच से अलग होकर छात्रों ने बनाई अपनी राह
आंदोलन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने JLKM के मंच से अलग होकर स्वतंत्र मंच बनाने का फैसला किया. छात्रों ने दोहराया कि उनका आंदोलन गैर-राजनीतिक है और वे इसे किसी दल के साथ जोड़ना नहीं चाहते. उनका कहना है कि आंदोलन का केंद्र झारखंड के युवाओं के अधिकार, निष्पक्ष भर्ती और पारदर्शी चयन प्रक्रिया है. अलग मंच की अनुमति मिलने के बाद अब छात्रों के आंदोलन के आगे भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं.

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