झारखंड में JPSC-JSSC रिफॉर्म आंदोलन तेज, 48 घंटे बाद BJP ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों के खिलाफ BJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी चार दिनों तक झारखंड के सभी 24 जिलों में SP और DC कार्यालयों का घेराव करेगी.

Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है. छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने सरकार को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को कहा कि अब पार्टी कार्यकर्ता राज्य के सभी 24 जिलों में प्रदर्शन करेंगे. भाजपा के मुताबिक, लगातार चार दिनों तक एसपी और उपायुक्त कार्यालयों का घेराव किया जाएगा. हर दिन छह जिलों में आंदोलन का कार्यक्रम रखा गया है.
48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, 24 जिलों में प्रदर्शन का ऐलान
भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर सरकार को 48 घंटे का समय दिया था. पार्टी का कहना है कि तय समय सीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से मुकदमे वापस लेने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसके बाद भाजपा ने आंदोलन को राज्यव्यापी बनाने का फैसला किया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अब झारखंड के सभी 24 जिलों में एसपी और उपायुक्त कार्यालयों का घेराव करेंगे. चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिदिन छह जिलों को शामिल किया जाएगा. भाजपा का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के पक्ष में आवाज उठाना और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाना है.
‘शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज हुआ केस’
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि JPSC-JSSC परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे. भाजपा के अनुसार, छात्रों ने किसी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए. आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड गठन के बाद शायद ही ऐसी स्थिति देखने को मिली हो, जिसमें छात्रों के भविष्य को लेकर आंदोलन करने पर इतनी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज किए गए हों. उन्होंने करीब 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किए जाने का दावा किया और आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों के घरों तक पहुंचकर भय का माहौल बना रही है. भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संचालकों को भी धमकाया जा रहा है.
JMM कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर भाजपा का सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे विद्यार्थियों पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों से हमला किया. भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं तो उनके साथ मारपीट करने के आरोपों का सामना कर रहे झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और कथित मारपीट, दोनों मामलों में कानून के तहत समान कार्रवाई होनी चाहिए.
कांग्रेस-RJD पर भी भाजपा ने साधा निशाना
आदित्य साहू ने कांग्रेस और आरजेडी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की थी. इसके बाद 48 घंटे के भीतर कांग्रेस और आरजेडी के नेता-कार्यकर्ता भी मुख्य सचिव से मिलने पहुंचे. भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि सरकार में शामिल दलों को छात्रों की समस्या पर मुख्यमंत्री पर भरोसा है, तो उन्हें मुख्य सचिव के बजाय मुख्यमंत्री के स्तर पर अपनी बात रखनी चाहिए थी. आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि सरकार मुकदमा दर्ज कर और छात्रों को धमकाकर इस मुद्दे से नहीं बच सकती.
‘छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार बंद हो’
भाजपा ने सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग दोहराई है. पार्टी का आरोप है कि मुकदमों के जरिए छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. भाजपा ने कहा कि सरकार को झारखंड के युवाओं और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए. आदित्य साहू ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और उनके परिजनों के साथ-साथ गांव के लोग भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरते हैं तो स्थिति को संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है. भाजपा ने कहा कि JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए.




